इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ इंदौर और उज्जैन जिले के किसानों में आक्रोश दिखाई दिया, जब वो बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के साथ हातोद से इंदौर तक रैली के रुप में पहुंचे। यह रैली इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को निरस्त करने की मांग को लेकर निकाली गई। इनकी मांगों में सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने और मुआवजा दरें बढ़ाने जैसी मांगें शामिल है।
हातोद से कलेक्टर कार्यालय तक रैली
किसान रैली हातोद से शुरू होकर गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर चौराहा और नावदा पंथ मार्ग से सिरपुर तालाब पहुंचने का मार्ग तय हुआ था। वहां ट्रैक्टरों की पार्किंग की व्यवस्था की गई, और तालाब से किसान चंदन नगर, लाबरिया भेरू और महू नाका मार्ग से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन देना तय हुआ था। लेकिन सिटी में ट्रेक्टर ले जाने से रोकने पर किसानों में नाराजगी दिखाई दी, जिसके बाद जमकर नारेबाजी की गई।
ग्रीन फील्ड कॉरिडोर से 28 गांव प्रभावित
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गांव तथा उज्जैन जिले के आठ गांव प्रभावित हो रहे हैं। परियोजना के लिए 188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन अधिग्रहीत की जा रही है। वहीं कई किसानों की तो पूरी जमीन परियोजना की जद में आ रही है, जबकि कुछ की जमीन के बीच से सड़क गुजरेगी, जिससे खेती असंभव हो जाएगी।
सर्वे प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवाल
किसानों के अनुसार सरकार ने बिना पर्याप्त सर्वे और आकलन के यह योजना लागू की। इससे किसानों की जिंदगी पर खासा असर दिखाई देगा। आजीविका पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। उनका कहना है कि यह सड़क 2028 के सिंहस्थ को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, लेकिन उज्जैन जाने के पहले से ही कई मार्ग हैं, जिन्हें चौड़ा कर काम चलाया जा सकता है।
मुआवजे और फसलों के दाम पर आक्रोश
किसानों का आरोप है कि सरकार का तय मुआवजा बाजार मूल्य से बहुत कम है। गाइडलाइन के अनुसार दोगुना मुआवजा देने की बात कही जा रही है, जबकि जमीन के वास्तविक दाम पांच गुना तक बढ़ चुके हैं। वहीं किसान सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, भावांतर योजना को स्थगित करने और प्याज के दाम बढ़ाने जैसी मांगें भी कर रहे हैं।
किसानों के सामने जमीन का संकट
किसानों का आरोप है कि सरकार ने बिना कुछ सोचे-समझे योजना लागू कर दी, जिस सड़क पर उनकी जमीन थी, उससे 10 किलोमीटर पर मुआवजे की राशि से जमीन नहीं मिल रही, तो इससे पता चलता है कि योजना से उन्हें कितना नुकसान हो रहा है।
ADM रोशन रॉय को ज्ञापन सौंपा
किसानों ने ADM रोशन रॉय को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों और विरोध का प्रदर्शन किया। आंदोलन को इंदौर के नूरी नगर पर समाप्त कर दिया गया।
पुलिस ने किए पुख्ता इंतजाम
किसान रैली को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने प्लान तैयार कर लिया था, पुलिस के मुताबिक हर चौराहे पर ट्रैफिक जवान तैनात किए गए थे। रैली मार्ग सीधा होने के कारण ट्रैफिक डायवर्ट नहीं किया गया। जरूरत पड़ने पर एक लेन बंद करने की तैयारी थी, दूसरी लेन से वाहनों की आवाजाही जारी रखने की तैयारी की गई।


