श्योपुर/ धीरज बालोठिया/ खबर डिजिटल/ श्योपुर शिवपुरी हाइवे वर्तमान में खस्ताहाल स्थिति में है. कई बार स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत की मांग प्रशासन से भी कर ली है परंतु आजतक सड़क का पेंचवर्क तक नहीं किया गया है. हालांकि नवीन सड़क के टेंडर भी हो चुका है.पंरतु सड़क निर्माण का कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है.
40 किलोमीटर का हिस्सा शिवपुरी और पोहरी विधानसभा में आता है जबकि 60 किलोमीटर का हिस्सा विजयपुर विधानसभा में आता है. कई बार स्थानीय लोगों ने सड़क पेंचवर्क कराने की मांग जिला प्रशासन और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर समेत प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला से भी कर ली पंरतु आजतक शिवपुरी से गौरस हाईवे का पेचवर्क नहीं किया गया है.ये सड़क बेहद जर्जर हालात में है. लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है. सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे होने से रोजाना हादसे हो रहे हैं.कई लोगों की जान इस सड़क पर हो चुकी है.
सोशल मीडिया पर सीएम को सड़क मार्ग से लाने की मांग की
शनिवार को सोशल मीडिया पर लोगों ने पोस्ट शेयर की है और उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आंखे खोलो श्योपुर से शिवपुरी की सड़क की हालात देखो.इसके अलावा युवाओं ने सीएम डॉ मोहन यादव को कार द्वारा शिवपुरी से श्योपुर आने की मांग की है।
सड़क मरमत को लेकर कई बार लोगों ने मांग की कोई निराकरण नहीं हुआ
शिवपुरी-गौरस के बीच इस हाइवे का लंबे समय से मेंटेनेंस नहीं कराया गया है। इससे 100 किलोमीटर लंबे इस हाइवे पर कई गड्ढे हो गए हैं। कई जगह तो स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि, गड्ढे ही गड्ढे दिखाई देते हैं। वाहन के पहिए जाने से बचाने के चक्कर में कई चालक संतुलन खो बैठते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। पिछले साल भर में इस हाइवे पर कई हादसे गड्ढों के कारण हो चुके हैं। वाहन सवारों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है।
कुछ किलोमीटर का मेंटेनेंस करवाकर कर दी औपचारिकता पूरी
जर्जर हालत में पहुंच चुके हाइवे का नियमानुसार गौरस से शिवपुरी तक मेंटेनेंस कराया जाना चाहिए था लेकिन, सड़क का निर्माण कराने वाले ठेकेदार के द्वारा हर बार टुकड़ों में कुछ किलोमीटर तक मेंटेनेंस कर औपचारिकताएं पूरी कर दी जाती हैं। इस बार उससे आगे के हाइवे का मेंटेनेंस कराया गया लेकिन, गोरस से शिवपुरी के बीच की सड़क का मेंटेनेंस इस बार भी नहीं कराया जा सका है। इससे यह हाइवे गड्ढों में तब्दील हो गया है। नोनपुरा घाटी के आसपास भारी गड्ढे होने से हादसों का खतरा ज्यादा रहता है।


