भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को प्रतिबंधित किया जा सकता है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे के पत्र ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। कर्नाटक के मंत्री और मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने आरएसएस की गतिविधियों पर बैन लगाने की मांग की। प्रियांक ने कहा कि संघ संविधान के खिलाफ गतिविधियां करता है और इसकी शाखाओं और बैठकों के माध्यम से युवाओं और बच्चों को उकसाया जाता है, जिससे देश की एकता और अखंडता को खतरा है। वहीं अब इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश में भी सियासी बयानबाजी का दौर शुरु हो चुका है।
कांग्रेस ने बताई दूरदर्शी सोच
इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि संघ पर पहले भी महात्मा गांधी की हत्या के बाद प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की स्थिति के अनुसार मंत्री ने पत्र लिखा है और यदि यह कदम आगे बढ़ा, तो दूर तक असर होगा। वहीं इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया भी आना शुरु हो चुकी है।
‘थोड़ा सब्र करो चांद पर भी लगेगी शाखा’
भोपाल की हुजूर विधानसभा से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा ‘कांग्रेस के नेता हमेशा से संघ के धुर विरोधी रहे हैं, चाहे वह नेहरू जी हों, इंदिरा गांधी हों या अब सोनिया और राहुल गांधी। कई बार प्रतिबंध के बावजूद संघ 100 साल का हो गया। संघ के गतिविधियों की तारीफ करते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जब देश में कोई आपदा आती है, तब संघ के स्वयंसेवक ही जनता की मदद करते हैं। थोड़ा सब्र करो, आने वाले समय में चांद पार भी शाखा लगेगी।’


