सुकमा/नवीन कश्यप/खबर डिजिटल/ कभी माओवादियों के कोर जोन के रूप में कुख्यात सुकमा जिले का सुदूर ग्राम वंजलवाही आज विकास और विश्वास की नई कहानी लिख रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की ‘नियद नेल्ला नार’ यानी हम सबका गांव, हमारा गांव योजना के तहत यहां जिला पुलिस प्रशासन और सुरक्षा बलों ने नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित किया है। यह केवल एक कैंप नहीं, बल्कि दशकों से नक्सल हिंसा से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए शांति और विकास की नई सुबह है।
चुनौती को सुरक्षा बलों ने किया पार
वनों और पहाड़ियों से घिरे वंजलवाही तक पहुँचना सुरक्षा बलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। लगातार बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने हिम्मत और जज़्बे के साथ इस मिशन को पूरा किया। माओवादियों के कोर क्षेत्र में इस प्रकार का कैंप स्थापित करना एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है। इस कैंप की स्थापना से अब कोंटा-गोलापल्ली-किस्टाराम मार्ग सीधा जुड़ गया है, जिससे क्षेत्र की दूरी घटकर आधी हो गई है। इससे न केवल सुरक्षा बलों की पहुँच और गश्त आसान होगी, बल्कि ग्रामीणों को भी अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीडीएस दुकानें और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं अब इस क्षेत्र में विस्तार पा सकेंगी।
24 नए सुरक्षा कैंप किए स्थापित
पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक जीत है। वंजलवाही में सुरक्षा कैंप की स्थापना बस्तर के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत वर्ष 2024 से अब तक 20 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें टेकलगुड़ेम, पुलनपाड़, लखापाल, मेटागुड़ेम, नागाराम और अब वंजलवाही जैसे अत्यंत संवेदनशील इलाके शामिल हैं।इन कैंपों की स्थापना के बाद से सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन की प्रक्रिया तेज हुई है। वर्ष 2024 से अब तक 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 64 माओवादी मारे गए और 451 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया। यह आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि सुकमा अब भय से विश्वास और बंदूक से विकास की ओर अग्रसर है।
एसपी सुकमा किरण चव्हाण ने दी जानकारी
उन्होंने बताया कि वंजलवाही में नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक अहम कदम है। यह केवल सुरक्षा की दृष्टि से नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की बहाली का प्रतीक भी है। हमारा लक्ष्य है कि हर ग्रामीण तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाएँ पहुँचें। आने वाले समय में यह इलाका शांति और समृद्धि का उदाहरण बनेगा। आईजी बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., डीआईजी दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, एएसपी (ऑप्स) रोहित शाह और एएसपी अभिषेक वर्मा के मार्गदर्शन में सुरक्षा बलों ने इस चुनौतीपूर्ण मिशन को अंजाम दिया।
