आलीराजपुर/ संजय वाणी/ खबर डिजिटल/ कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने जिले के निराश्रित बच्चों के साथ दीपावली पर्व के पूर्व मुलाकात कर उन्हें त्यौहार की बधाई दी, इस संवाद कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर निवास पर आयोजित किया गया। कलेक्टर ने बताया कि बिना माता पिता के जीवन में काफी मुश्किल होती है, अगर इन बच्चों के साथ कुछ पल बिताए जाए, तो उन्हें त्यौहार की खुशी महसूस होगी, साथ ही समुदाय में एकजुटता की भावना को बढ़ावा देना, और बच्चों के जीवन में प्रेम और एक दूसरे का सहयोग करने की भावना का प्रसार होगा।

कलेक्टर नीतू माथुर ने किया दुलार
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती माथुर ने नन्हे मुन्ने बच्चों को गोद में बिठा कर बातचीत कर उनका परिचय लिया, इन नन्हे मुन्ने बच्चों ने कलेक्टर माथुर को अपनी रूचि के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उससे पढ़ाई करना पसंद है, साथ ही उससे गायन भी पसंद है, और वो बड़े होकर शिक्षक बनकर समाज की सेवा करना चाहते है। उनकी भावना और उनको प्रोत्साहित करते हुए कलेक्टर नीतू माथुर ने जिला प्रशासन की तरफ से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान बच्चों को स्वल्पाहार कराने के साथ मिठाई , पटाखे के साथ अन्य वस्तु भेंट की और कहा कि भविष्य में कभी भी कोई भी जरूरत हो तो निसंकोच अपनी दीदी के पास चले आना।
जनता से स्वदेशी अपनाने की अपील
कलेक्टर नीतू माथुर ने जनता से स्वदेशी अपनाने की अपील की, स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि दिवाली पर स्वदेशी को अपनाने से घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलता है, स्थानीय बाजारों मे रौनक आती है, इसी से रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं और अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। स्वदेशी पर जोर देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ आत्मनिर्भरता बढ़ती है, और हमारी सांस्कृतिक पहचान भी सशक्त बनती है ।


