सौरभ श्रीवास्तव/खबरडिजिटल/कटनी – सूत्रों के मुताबिक जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत इमलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जाँच में यह खुलासा हुआ है कि सरपंच और ग्राम रोजगार सहायक की मिलीभगत से कई फर्जी भुगतान किए गए हैं रोहणी राय ने इमलिया सचिव पर लगाये गंभीर आरोप और अपात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी बहोरीबंद द्वारा गठित जांच दल — बीपीओ मोहन सिंह, पीसीओ इन्द्रकांत व्यौहार और एडीईओ आर.के. रजक — ने स्थल निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।जाँच में पाया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही निरंजन राय के नाम से जारी ₹1,37,365 की राशि आवास निर्माण में व्यय नहीं की गई। आवास का निर्माण स्थल पर कोई कार्य नहीं मिला और पोर्टल पर किसी अन्य व्यक्ति के मकान की फोटो अपलोड कर फर्जी GEO Tagging की गई थी।इसी तरह मनरेगा के तहत स्वीकृत सीसी रोड सह नाली निर्माण का कार्य भी मौके पर नहीं पाया गया, जबकि ₹1,77,362 की राशि खर्च दिखा दी गई।जाँच में यह भी सामने आया कि सरपंच श्रीमती आरती राय पति रंजीत राय ने अपने सगे ससुर भोलाराम राय को खेत तालाब योजना का लाभ दिलाया, जो शासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।कई अन्य कार्य जैसे खेत तालाब और मेढ़बन्धान निर्माण में भी फर्जी भुगतान और रिकॉर्ड की हेराफेरी पाई गई। कुल मिलाकर ₹6 लाख से अधिक राशि वसूली योग्य बताई गई है।जाँच प्रतिवेदन जिला पंचायत कटनी को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में बड़ा घोटाला उजागर – सरपंच व सचिव पर मिलीभगत से लाखों की अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
सम्बंधित ख़बरें


