खंडवा/हरेंद्रनाथ ठाकुर/खबर डिजिटल/ तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में कार्तिक शुक्ल की पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को मां नर्मदा, धर्म, धरा, धेनु, प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण-संवर्धन के उद्देश्य से पूर्ण समर्पित अवधूत सिद्ध महायोगी श्री दादागुरु जी की निराहार मां नर्मदा सेवा परिक्रमा का शुभारंभ मां नर्मदा के पूजन एवं मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ। विगत कई वर्षों से संत दादा गुरु द्वारा घर परिवार छोड़कर मां नर्मदा के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए वर्षों से कठिन तपस्या एवं निराहार रहते हुए मां की सेवा में सतत लगे हुए हैं। मां नर्मदा की कई परिक्रमा उनके द्वारा की गई है, उनका मुख्य उद्देश्य मां नर्मदा का संरक्षण संवर्धन के साथ धर्म,धरा,धेनु प्रकृति, गोसंवर्धन एवं पर्यावरण की रक्षा है।
दादा गुरु का संकल्प
दादा गुरु द्वारा एक और संकल्प लिया गया है कि निमाड़ एवं दादाजी धूनीवाले की इस धरा पर संसार की सबसे बड़ी ध्वजा निशान स्थापित हो, उसके प्रयास भी चल रहे हैं। बुधवार को दादा गुरु द्वारा तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर में मां नर्मदा के पूजन के पश्चात मां नर्मदा की परिक्रमा का शुभारंभ हुआ। परिक्रमा के शुभारंभ के अवसर पर दादा गुरु ने कहा कि मां नर्मदा मध्य प्रदेश की जीवनदायनी है, हम सब का दायित्व है कि मां की सुरक्षा संरक्षण हम सभी करें, अंधाधुंध वनों की कटाई के कारण प्रकृति के साथ कहीं ना कहीं खिलवाड़ हुआ है इसे दूर करने के लिए बड़ी संख्या में हम सभी संकल्प लेकर पौधों का रोपण कर पुत्र की भांती वृक्ष तैयार करें। धर्म और धरा को बचाए रखें।
इस अवसर पर दादा गुरु की परिक्रमा में साधु संतों के साथ मध्य प्रदेश शासन में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राजपाल सिंह तोमर, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, मांधाता विधायक नारायण पटेल, खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सम्मिलित होकर दादागुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बांधा समां
मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे थे, उन्होंने मां नर्मदा की पूजा अर्चना के साथ दादा गुरु की भी पूजा अर्चना की। ओंकारेश्वर में नर्मदा के गौमुख घाट पर मां नर्मदा की पूजा अर्चना के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने भजन गाकर ऐसा समां बांधा कि नर्मदा यात्रा में शामिल 4 हजार लोग भी मंत्री के साथ झूमते नजर आए।
मंत्री प्रहलाद पटेल नंगे पांव चले पैदल
ओंकारेश्वर के गोमुख घाट पर मां नर्मदा की पूजा अर्चना के बाद सभी भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने के लिए निकले और बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन करके पैदल ही नर्मदा यात्रा के लिए निकल पड़े। मंत्री प्रहलाद पटेल नर्मदा परिक्रमा के पहले दिन खेड़ी घाट पर दादा गुरु के साथ विश्राम के लिए रुके। जहां पर मंत्री ने मां नर्मदा की जागृत स्वरूप के बारे में और किस तरह से यह जीवनदायनी बनी हुई है, इसके बारे में विस्तार से परिक्रमा वासियों के साथ चर्चा की।
दादा गुरु की यह चौथी नर्मदा परिक्रमा
पिछले 5 साल से निराहार रहकर दिनभर में सिर्फ एक बार नर्मदा जल की एक घूंट पीकर जीवित रहने वाले संत दादा गुरु यह चौथी नर्मदा परिक्रमा है। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा में अपने साथ चलने वाले अनुयायियों प्रदेश के जितने भी मंत्री और खंडवा कलेक्टर एसपी के साथ तमाम अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सभी से अपील की है कि वो नर्मदा और वनों का संरक्षण करें, तभी आने वाले समय में मानव का कल्याण हो पाएगा।
