ओडिशा और राजस्थान में स्थापित होंगे ये गैर-लाभकारी पार्क; MSMEs और स्टार्टअप्स को मिलेगा विश्व-स्तरीय इकोसिस्टम
नई दिल्ली: भारत के औद्योगिक और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, वेदांता लिमिटेड ने दो प्रमुख औद्योगिक पार्कों की स्थापना की घोषणा की है। ये गैर-लाभकारी पार्क क्रमशः ओडिशा में एल्युमिनियम इंडस्ट्रियल पार्क और राजस्थान में जिंक इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में स्थापित किए जाएंगे।
💡 आत्मनिर्भर भारत के लिए पहल
वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने इन पार्कों की घोषणा करते हुए कहा कि ये पार्क नवाचार, उद्यमिता और औद्योगिक उत्कृष्टता के जीवंत केंद्र बनेंगे, जो धातु, विनिर्माण और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में भारत की वृद्धि को गति देंगे।
श्री अग्रवाल ने बताया:
“ये पार्क एक विश्व-स्तरीय इकोसिस्टम प्रदान करेंगे — विकसित भूमि, आधुनिक अवसंरचना, विश्वसनीय यूटिलिटीज़ और कच्चे माल की स्थिर आपूर्ति — जो स्टार्टअप्स और एमएसएमई को विकसित होने के लिए आदर्श वातावरण देगा। हमारा उद्देश्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और हज़ारों टिकाऊ रोजगार सृजित करना है ताकि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो सके।”
🌐 पार्कों की क्षमता और उद्देश्य
- ओडिशा एल्युमिनियम पार्क: इस पार्क में 90 से अधिक डाउनस्ट्रीम उद्योगों और उत्पादों के विकास की अपार क्षमता है।
- राजस्थान जिंक पार्क: यह पार्क वैल्यू-ऐडेड मैन्युफैक्चरिंग को गति देगा और नवोदित उद्यमों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।
🤝 उद्यमियों के लिए आमंत्रण
वेदांता ने विशेष रूप से युवा उद्यमियों, स्टार्टअप्स और MSMEs को इन परियोजनाओं में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
- निवेश सीमा: ₹2 करोड़ से ₹50 करोड़ या उससे अधिक के निवेश के साथ भागीदार बन सकते हैं।
इन औद्योगिक पार्कों से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, और भारत की वैश्विक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
श्री अग्रवाल ने अंत में कहा: “यह भारत के युवा नवप्रवर्तकों के लिए अपने विचारों को साकार करने का एक अनोखा अवसर है। आइए मिलकर एक मज़बूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण करें।”


