इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ स्वच्छता में 8 बार बाजी मारने के बाद अब इंदौर नगर निगम एक और नई उड़ान भरने के लिए तैयार है। इंदौर ने अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। शहर के जलूद स्थित सोलर पावर प्लांट का निर्माण किया गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसका निरीक्षण किया और इसको बनाने के पीछे का विजन जनता के सामने रखा। उनके साथ जल कार्य प्रभारी अभिषेक (बबलू) शर्मा एवं विभागीय अधिकारी भी थे। प्लांट का काम फिलहाल 97 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
महापौर ने किया प्लांट का निरीक्षण
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जलूद स्थित सोलर पावर प्लांट, जल शोधन संयंत्र एवं पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। उनके साथ जल कार्य प्रभारी अभिषेक (बबलू) शर्मा एवं विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान महापौर ने परियोजना की प्रोग्रेस, तकनीकी संरचना और ऊर्जा बचत की संभावनाओं की जानकारी ली। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाकी काम को जल्दी पूरा करके टेस्टिंग एवं कमीशनिंग की प्रक्रिया शुरू करें। ताकि परियोजना का लाभ जल्द से जल्द नगर निगम को मिलने लगे। इंदौर को ग्रीन एनर्जी सिटी के रूप में भी पहचाना जाए।
प्लांट के बारे में दी जानकारी
महापौर ने कहा कि इंदौर नगर निगम द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संरक्षण में ग्राम सामराज एवं ग्राम आसुखेड़ी की 210 एकड़ जमीन पर 60 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना के पूर्ण संचालन से नगर निगम को प्रतिमाह लगभग 80 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी, जिससे 5 करोड़ रुपये मासिक विद्युत बिल में कमी आएगी। यह कदम इंदौर को ऊर्जा आत्मनिर्भर शहर के रूप में नई पहचान देगा।


