डिंडौरी/शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ केंद्र सरकार गरीब बैगा जनजाति परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम जनमन आवास योजना के तहत आवास निर्माण करा रही है, ताकि गरीब हितग्राही सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन बिता सकें। लेकिन इसी योजना में कुछ पंचायत कर्मियों द्वारा गरीब परिवारों से अवैध वसूली करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अभी कुछ दिन पहले ही जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत अजगर के सरपंच–सचिव पर पीएम आवास की किस्त जारी करने के एवज में 5 से 6 हजार रुपए लेने के आरोप लगे थे। यह मामला पूरी तरह ठंडा भी नहीं हुआ कि अब ग्राम पंचायत धुरकुटा में नया विवाद खड़ा हो गया है।
धुरकुटा पंचायत के सचिव पर लगा आरोप
ग्राम पंचायत धुरकुटा में पीएम जनमन आवास योजना के तहत बैगा परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें कई आवासों का काम पूरा होने की कगार पर है और कुछ में अभी पैलेंथ स्तर तक निर्माण हुआ है। इसी बीच आरोप सामने आया है कि पंचायत सचिव विनोद यादव ने योजना के पर बैगा हितग्राहियों से दूसरी किस्त जारी करने के नाम पर 1–1 हजार रुपये की वसूली की है। कई लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर सचिव किस्त रोकने की धमकी देता है।
फोटो खींचने के नाम पर लिए 1-1 हजार रुपये
हितग्राही तिहार सिंह और राजकुमार ने बताया कि आवास की पैलेंथ बनने के बाद सचिव ने फोटो खींचने और किस्त डालने के नाम पर उनसे 1–1 हजार रुपये लिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि गांव में कई और लाभार्थियों से भी इसी तरह पैसे लिए गए हैं, लेकिन अधिकांश बैगा हितग्राही यह डर से खुलकर सामने नहीं आ रहे कि कहीं सचिव उनकी अगली किस्त रोक न दे।
हितग्राहियों में भय, जांच की मांग तेज
गांव के कई हितग्राही खुलकर यह स्वीकार रहे हैं कि सचिव पैसे मांगता है, लेकिन शिकायत करने से डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई नाम बताएगा तो सचिव किस्त जारी नहीं करेगा और निर्माण कार्य अटक जाएगा। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, और गरीब हितग्राहियों से की जा रही अवैध वसूली पर तत्काल कार्रवाई की जाए।


