डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ जनपद करंजिया के हर्राटोला ग्राम पंचायत के गारगामठा क्षेत्र में रहने वाली 68 वर्षीय वृद्ध महिला रामकली के साथ हुए जालसाजी के गंभीर मामले ने जनसुनवाई में नया मोड़ ले लिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे मृत दिखाकर उसकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया और फर्जी फौतीनामा, फर्जी हस्ताक्षर तथा अंगूठा लगाकर सहमति पत्र तैयार कर उसके अधिकारों से वंचित कर दिया गया।
पीड़िता ने बताई आपबीती
पीड़िता रामकली बाई पति स्व. भूरा सिंह ने बताया कि उसकी जानकारी के बिना ही उसके नाम दर्ज भूमि को हड़पने के उद्देश्य से एक संगठित साजिश रची गई। उसके जीवित होने के बावजूद सरकारी अभिलेखों में उसे मृत दर्शाकर भूमि अपने नाम दर्ज करवाने का प्रयास किया गया।
पटवारी और बेटे पर लगाया आरोप
पीड़िता का आरोप है कि यह पूरा मामला गांव के पटवारी और उसके बेटे की मिलीभगत से अंजाम दिया गया। महिला का कहना है कि उसने कभी कोई सहमति पत्र तैयार नहीं किया, न ही किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए। गाँव वालों ने भी पुष्टि की कि रामकली बाई आज भी जीवित है और लगातार अपने हक़ के लिए संघर्ष कर रही है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
जनसुनवाई में उपस्थित होकर पीड़िता ने प्रशासन से मांग की कि इस पूरे फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही फर्जी दस्तावेज़ों को निरस्त करते हुए उसकी जमीन का सही दर्ज कराया जाए।
जिंदा हूं मैं – पीड़िता
पीड़िता ने कहा कि “मैं जिंदा रहकर भी मृत घोषित कर दी गई। अब न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रही हूं। प्रशासन से यही उम्मीद है कि सच्चाई सामने लाकर मुझे मेरा हक लौटाया जाए।” घटना सामने आने के बाद तहसील प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। ग्रामीणों में भी इस फर्जीवाड़े को लेकर आक्रोश है तथा सभी ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


