उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ मॉरीशस गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति, श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, ने हाल ही में अपने धर्मनगरी उज्जैन में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन किए। उनका यह दौरा भारत और मॉरीशस के गहरे सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ है। दिव्य दर्शन और पूजन श्री रूपन ने अपने प्रवास के दौरान, भगवान महाकाल की सायं कालीन भोग आरती में सम्मिलित होकर दिव्य दर्शन का लाभ लिया।
मंदिर समिति ने किया स्वागत
परंपरा का पालन करते हुए, उन्होंने पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ महाकाल के चौखट से गर्भगृह में विराजित शिवलिंग पर विधि-विधान से पूजन और जल अभिषेक किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार पूजन विधि को पुजारी आकाश गुरु के सान्निध्य में संपन्न किया गया।मंदिर समिति द्वार उप प्रशासक एस. एन. सोनी और सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने पूर्व राष्ट्रपति रूपन का आत्मीय स्वागत किया। उन्हें महाकाल का प्रसाद, दुपट्टा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
सनातन धर्म के प्रति आस्था
रूपन ने इस अवसर पर भारतीय संस्कृति और उज्जैन के आध्यात्मिक महत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महाकाल के दर्शन से उन्हें असीम शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई है। उन्होंने विश्व शांति और दोनों देशों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पूर्व राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय सनातन मूल्यों के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रतीक भी था, जिसने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि आध्यात्मिक संबंध भौगोलिक सीमाओं से परे होते हैं।


