गुना/तेज सिंह यादव/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के गुना जिले के आरोन तहसील के गोविंदपुर गांव की एक महिला पिछले कई महीनों से जमीन के सीमांकन के लिए संघर्ष कर रही है, उन्होंने जमीन सीमांकन के लिए तहसीलदार से लेकर एसडीएम से मुलाकात कर गुहार लगाई, बुजुर्ग महिला रामबेटी बैरागी का आरोप है कि स्थानीय दबंग लोग उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। मामले में गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है…या यूं कहे कि तहसीलदार और एसडीएम उस आदेश का पालन नहीं करवा पा रहे है।
बुजुर्ग की सुन लो गुहार
बुजुर्ग महिला का आरोप है कि पटवारी और आरआई जान का हवाला देकर सीमांकन करने से मना कर देते है, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के आदेश के बाद एसडीएम और तहसीलदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे परंतु आज तक पटवारी और आरआई ने सीमांकन नहीं किया है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि दबंग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे है, बुजुर्ग महिला का कहना है कि वो अपनी जमीन सीमांकन चाहती है। ताकि उनकी संपत्ति सुरक्षित रहे।
कलेक्टर की मंशा पर फेर रहे पानी
गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिला का तत्काल निराकरण करो, मौके पर पहुंचे अधिकारी उन्होंने दबंगों को साफ तौर पर कहा था कि कोई भी उस जमीन से फसल नहीं काटेगा, लेकिन नतीजा क्या हुआ तस्वीर बता रही है कि किस तरह से फसल भी कट गई, परंतु दबंगों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं हुआ। हालांकि इस जगह पर तहसीलदार ने कहा था कि सीमांकन का आदेश नहीं है, जबकि जमीन की रजिस्ट्री भी तस्वीर में नजर आ रही है, वहीं लगातार बढ़ती ऐसी घटनाओं से संघर्ष की स्थिति निर्मित होती है, और अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती, इस जगह क्या वो किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं?
सीएम डॉ. मोहन यादव का संकल्प
प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव लगातार अलग-अलग विभागों की समीक्षा करने में जुटे हैं, वो चाह रहे हैं कि जनता को किसी भी तरह की निराशा से ना गुजरना पड़े, लेकिन कुछ दबंग जिस तरह से प्रशासन और सरकार की मंशा पर भारी पड़ रहे हैं, वो बगले झांकने को मजबूर कर देता है, हालांकि अब देखना होगा कि सरकार और अधिकारियों का पालन किस तरह से हो पाता है।


