झाबुआ /सुनील डाबी/ खबर डिजिटल / जिले से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत उजागर करती है। प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके बाद पुलिस ने मानवीयता का परिचय देते हुए न केवल महिला की मदद की, बल्कि सड़क के किनारे ही सुरक्षित प्रसव करवाकर नवजात और प्रसूता दोनों की जान बचाई।
मेघनगर थाना क्षेत्र के घोसलिया छोटा निवासी सीमा भूरिया को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी वाहन मौके पर नहीं पहुँचा। मजबूर होकर परिजनों ने पुलिस को सहायता के लिए फोन किया।
सूचना मिलते ही मेघनगर थाना मोबाइल दल सक्रिय हुआ और तत्काल अस्पताल से एक नर्स को लेकर घटनास्थल पहुँचा। नर्स की देखरेख और पुलिस की सहायता से महिला की सड़क किनारे ही सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। नवजात लाड़ली के जन्म के बाद पुलिस दल ने मां और बच्ची को सुरक्षित रूप से मेघनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों पूर्णत: स्वस्थ हैं।
इस पूरे मानवीय कार्य में थाना प्रभारी के.एल. वर्कड़े और आरक्षक विक्रम बरिया (171) का विशेष योगदान रहा, जिनकी तत्परता ने संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य मातृत्व सुरक्षा है, तो फिर 108 जैसी आवश्यक सेवा समय पर क्यों नहीं पहुँच पाती? सड़क पर बच्चे का जन्म होना स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
