P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशDindori News : अब जंगल पार कर अनाज नहीं लाना पड़ता… भूख...

Dindori News : अब जंगल पार कर अनाज नहीं लाना पड़ता… भूख तक पहुंची सरकार

वनवासियों को मिला सुकून

डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए अब राशन प्राप्त करना संघर्ष नहीं रहा। वर्षों से घने जंगलों और लंबी पगडंडियों को पार कर अनाज लाने की मजबूरी झेल रहे परिवारों को मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने न सिर्फ भूख की समस्या को कम किया है, बल्कि वनवासियों को सम्मान और सुकून का एहसास भी कराया है।

5-6 किलोमीटर दूर से लाना पड़ता था राशन
डिंडोरी जिले के छत्तीसगढ़ सीमा से लगे चकमि और दलदल जैसे दूरस्थ गांवों में पहले ग्रामीणों को 5 से 6 किलोमीटर दूर गोपालपुर तक पैदल जाकर राशन लाना पड़ता था। रास्ते में घना जंगल, फिसलन भरी पगडंडियाँ और बरसात के मौसम में बढ़ता खतरा रोज़मर्रा की चिंता बना रहता था। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह सफर बेहद कठिन और कई बार जोखिम भरा साबित होता था। मजदूरी करने वाले परिवारों के लिए एक दिन का काम छोड़कर राशन लाना अलग पीड़ा था।

विशेष कैंप में राशन वितरण
इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने उन बस्तियों को चिन्हित किया, जहां सड़क और परिवहन की सुविधा नहीं है। इसके बाद जंगल क्षेत्र के भीतर ही सुरक्षित स्थानों पर विशेष कैंप लगाकर राशन वितरण की व्यवस्था शुरू की गई। तय समय पर ग्रामीण कैंप स्थल पर पहुँचकर आसानी से अपना राशन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय करने से मुक्ति मिल गई है।

समय पर मिल रहा राशन – ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि अब समय पर अनाज मिल रहा है और बाजार से महंगे दामों पर राशन खरीदने की मजबूरी खत्म हो गई है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। बुजुर्गों और महिलाओं ने राहत महसूस करते हुए कहा कि पहली बार ऐसा लगा है कि शासन उनकी परिस्थितियों को समझते हुए खुद उनके पास पहुँचा है।

समाधान कैंप का आयोजन
राशन विक्रेताओं के अनुसार भी यह व्यवस्था पारदर्शी और व्यवहारिक साबित हो रही है। दुर्गम इलाकों में नियमित वितरण की जो समस्या वर्षों से बनी हुई थी, उसका समाधान कैंप आधारित वितरण से संभव हुआ है।कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब शासन मानवीय संवेदना के साथ आगे बढ़ता है, तो सबसे दूर बसे नागरिकों तक भी राहत और भरोसा पहुंचाया जा सकता है। जंगलों में रहने वाले परिवारों के लिए यह पहल सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि सुकून और सम्मान लेकर आई है।

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट