Tuesday, November 3, 2026
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आईआईटी मंडी ने एप्लाइड बिहेवियरल साइंस एवं निर्णय निर्माण पर वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी की

मंडी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने एप्लाइड बिहेवियरल साइंसेज़ एंड डिसीजन मेकिंग कॉन्फ्रेंस (एबीएसडीएम 2025) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस दो दिवसीय सम्मेलन ने मनोविज्ञान, इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र और डेटा साइंस के विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान किया।

यह आयोजन टाटा ट्रस्ट्स परियोजना के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य व्यवहार विज्ञान के माध्यम से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान खोजना है।


सम्मेलन की मुख्य झलकियाँ

सम्मेलन में निर्णय प्रक्रियाओं के संज्ञानात्मक (Cognitive), सामाजिक और तकनीकी आयामों पर गहन चर्चा की गई:

  • मुख्य विषय: जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक नीति और उभरती प्रौद्योगिकियों में व्यवहारिक अंतर्दृष्टि (Behavioral Insights) का अनुप्रयोग।
  • संज्ञानात्मक मॉडलिंग: निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझने के लिए ड्रिफ्ट डिफ्यूजन मॉडल्स (Drift Diffusion Models) के वास्तविक अनुप्रयोगों पर विमर्श किया गया।
  • मानव-AI अंतःक्रिया: मुख्य वक्ता प्रो. जोआखिम मेयर ने स्वास्थ्य सेवा, रक्षा और परिवहन जैसे क्षेत्रों में मानव और एल्गोरिदम के बीच विश्वास और प्रभावशीलता बढ़ाने पर शोध प्रस्तुत किया।
  • शोध प्रदर्शन: 30 से अधिक शोध पत्रों और पोस्टरों के माध्यम से संज्ञानात्मक पूर्वाग्रह (Cognitive Bias) और संगठनात्मक व्यवहार जैसे विषयों को प्रदर्शित किया गया।

नेतृत्व और उद्घाटन

सम्मेलन का उद्घाटन प्रो. लक्ष्मीधर बेहेरा (निदेशक, आईआईटी मंडी) द्वारा किया गया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सतत विकास के भविष्य को आकार देने में व्यवहार विज्ञान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर तेल अवीव विश्वविद्यालय के प्रो. जोआखिम मेयर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

7वां विंटर स्कूल ऑन कॉग्निटिव मॉडलिंग (WSCM 2025)

इसी श्रृंखला में, आईआईटी मंडी के IKSMHA केंद्र ने टाटा ट्रस्ट्स और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से ‘7वां विंटर स्कूल ऑन कॉग्निटिव मॉडलिंग’ भी आयोजित किया।

इस कार्यक्रम ने न्यूरोसाइंस और कंप्यूटर साइंस के छात्रों को मस्तिष्क विज्ञान और संज्ञानात्मक मॉडलिंग के नवीनतम विकासों को समझने का अवसर दिया।


भविष्य की योजना: सम्मेलन के अंत में एक ‘सोसाइटी फॉर एप्लाइड बिहेवियरल साइंस एंड डिसीजन मेकिंग’ के गठन पर चर्चा की गई, जो इस क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षा को भविष्य में और सशक्त बनाएगी।

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