सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ जिले की यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। शहर की सड़कों पर बेतरतीब दौड़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। हालात यह हैं कि सुबह से शाम तक शहर का लगभग हर प्रमुख चौराहा और मार्ग जाम की चपेट में रहता है, लेकिन जिम्मेदार पुलिस और यातायात विभाग मूकदर्शक बना नजर आ रहा है।
यातायात पर पड़ सीधा असर
नए बस स्टैंड से पुराने बस स्टैंड तक, गांधी चौक, सम्राट चौक, कलेक्ट्रेट मार्ग, अस्पताल रोड सहित पूरे शहर में ई-रिक्शा और ऑटो चालक मनमाने ढंग से वाहन खड़े कर सवारी भरते देखे जा सकते हैं। कहीं बीच सड़क पर ऑटो खड़ा कर लिया जाता है, तो कहीं ई-रिक्शा सड़क के दोनों ओर कतार में लग जाते हैं। सड़क किनारे लगे ठेले और अवैध अतिक्रमण स्थिति को और भयावह बना रहे हैं। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ रहा है, जिससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बड़े हादसे का बन सकती है कारण
ई-रिक्शा, जो कभी शहरवासियों के लिए सुविधा का साधन थे, अब सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा बन चुके हैं। नियमों को ताक पर रखकर क्षमता से दोगुनी-तिगुनी सवारियां बैठाई जा रही हैं। कई बार भारी सामान भी लाद दिया जाता है। सबसे चिंताजनक स्थिति तब देखने को मिलती है, जब स्कूली बच्चों को ठूंस-ठूंस कर ई-रिक्शा में बैठाया जाता है। छोटी सी लापरवाही किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकती है, लेकिन इस ओर न चालकों का ध्यान है और न ही प्रशासन का।
दिखावटी कार्रवाई, वसूली के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यातायात पुलिस की कार्रवाई केवल नाम मात्र की रह गई है। कभी-कभार अभियान चलाकर कुछ वाहनों का चालान जरूर किया जाता है, लेकिन उसका असर कुछ ही घंटों में खत्म हो जाता है। नागरिकों का कहना है कि ओवरलोडिंग, अवैध पार्किंग और बिना परमिट चल रहे ई-रिक्शा पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती—यह बड़ा सवाल है। शहर में जरूरत से कहीं अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर उतार दिए गए हैं, लेकिन उनके नियमन की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती। आमजन में यह चर्चा आम हो चली है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागता है। सवाल यह है कि क्या किसी मासूम की जान जाने के बाद ही नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा?
यातायात प्रभारी का पक्ष
इस संबंध में यातायात प्रभारी अभिषेक उपाध्याय का कहना है कि विभाग के कर्मचारी निर्धारित प्वाइंटों पर तैनात हैं और व्यवस्था सुधारने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सड़कों का चौड़ीकरण होने तक कुछ अव्यवस्था बनी रह सकती है, लेकिन यातायात सुधार को लेकर विभाग गंभीर है।


