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Saturday, April 18, 2026
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समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में फर्जीवाड़े पर कलेक्टर सख्त, 7 फर्जी किसानों का पंजीयन निरस्त करने प्रस्ताव, 3 केंद्र प्रभारियों को नोटिस

खबर डिजिटल कटनी — खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले में चल रही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है। फर्जी किसानों और व्यापारियों पर नकेल कसते हुए कलेक्टर के निर्देश पर व्यापक जांच कराई गई, जिसमें 7 किसानों का धान खरीदी पंजीयन फर्जी पाया गया है।कलेक्टर ने जिले की सभी 9 तहसीलों में प्रत्येक तहसील के 20-20 सर्वाधिक रकबा वाले किसानों के रकबे और फसल का भौतिक सत्यापन एसडीएम के माध्यम से कराया। जांच में बहोरीबंद अनुविभाग के 6 और कटनी अनुविभाग के 1 किसान का पंजीयन त्रुटिपूर्ण पाया गया। इन सात किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 103.22 हेक्टेयर है। कई मामलों में खेतों में फसल नहीं मिली, कहीं किसान गांव में निवासरत नहीं पाए गए, तो कहीं नाम किसी और का दर्ज मिला।कलेक्टर श्री तिवारी ने इन सभी फर्जी किसानों का पंजीयन निरस्त करने का प्रस्ताव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण आयुक्त को भेज दिया है।इधर, कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने निगहरा, विजयराघवगढ़ और हीरापुर कौड़िया उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निगहरा और विजयराघवगढ़ केंद्रों पर किसानों से निर्धारित मानक से अधिक तौल लेने की शिकायत सही पाई गई, जबकि कौड़िया केंद्र पर अभिलेखों के संधारण में गंभीर लापरवाही सामने आई। इन तीनों केंद्रों के प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।जांच के दौरान हीरापुर कौड़िया केंद्र पर लगभग 10 हजार क्विंटल धान परिवहन के लिए शेष पाया गया।कलेक्टर की सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है। अब तक एक कंप्यूटर ऑपरेटर सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। साथ ही 56 हजार क्विंटल अवैध रूप से भंडारित धान जब्त किया गया है और धान खरीदी की अंतिम तारीख 20 जनवरी तक उसकी निकासी पर रोक लगा दी गई है।प्रशासन का साफ कहना है कि समर्थन मूल्य का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले, इसके लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।तहत जिले में चल रही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है। फर्जी किसानों और व्यापारियों पर नकेल कसते हुए कलेक्टर के निर्देश पर व्यापक जांच कराई गई, जिसमें 7 किसानों का धान खरीदी पंजीयन फर्जी पाया गया है।कलेक्टर ने जिले की सभी 9 तहसीलों में प्रत्येक तहसील के 20-20 सर्वाधिक रकबा वाले किसानों के रकबे और फसल का भौतिक सत्यापन एसडीएम के माध्यम से कराया। जांच में बहोरीबंद अनुविभाग के 6 और कटनी अनुविभाग के 1 किसान का पंजीयन त्रुटिपूर्ण पाया गया। इन सात किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 103.22 हेक्टेयर है। कई मामलों में खेतों में फसल नहीं मिली, कहीं किसान गांव में निवासरत नहीं पाए गए, तो कहीं नाम किसी और का दर्ज मिला।कलेक्टर श्री तिवारी ने इन सभी फर्जी किसानों का पंजीयन निरस्त करने का प्रस्ताव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण आयुक्त को भेज दिया है।इधर, कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने निगहरा, विजयराघवगढ़ और हीरापुर कौड़िया उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निगहरा और विजयराघवगढ़ केंद्रों पर किसानों से निर्धारित मानक से अधिक तौल लेने की शिकायत सही पाई गई, जबकि कौड़िया केंद्र पर अभिलेखों के संधारण में गंभीर लापरवाही सामने आई। इन तीनों केंद्रों के प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।जांच के दौरान हीरापुर कौड़िया केंद्र पर लगभग 10 हजार क्विंटल धान परिवहन के लिए शेष पाया गया।कलेक्टर की सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है। अब तक एक कंप्यूटर ऑपरेटर सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। साथ ही 56 हजार क्विंटल अवैध रूप से भंडारित धान जब्त किया गया है और धान खरीदी की अंतिम तारीख 20 जनवरी तक उसकी निकासी पर रोक लगा दी गई है।प्रशासन का साफ कहना है कि समर्थन मूल्य का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले, इसके लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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