भूला–टिकरिया में अधिकारियों के संरक्षण में बॉक्साइट चोरी, रोज़ 3–5 हाइवा खनिज बाहर, कार्रवाई शून्य
कटनी – स्लीमनाबाद तहसील के भूला और टिकरिया क्षेत्र में बॉक्साइट की अवैध चोरी अब किसी से छिपी नहीं है। प्रतिदिन 3 से 5 हाइवा बॉक्साइट यहां से निकाला जा रहा है, और यह सब कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि मामला जगजाहिर होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शासकीय भूमि से लगातार बॉक्साइट उत्खनन किया जा रहा है। भारी मशीनों और हाइवा वाहनों की आवाजाही दिन-रात बनी हुई है, लेकिन न तो राजस्व अमले ने रोक लगाई और न ही पुलिस ने हस्तक्षेप किया। यह स्थिति सीधे-सीधे प्रशासनिक संरक्षण की ओर इशारा कर रही है।
हल्का पटवारी, आरआई से लेकर थाना पुलिस तक की चुप्पी सवालों के घेरे में है। इतना ही नहीं, मामला सामने आने के बाद भी नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम स्तर से कोई प्रभावी कदम न उठाया जाना, आला अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
खनिज विभाग की निष्क्रियता भी कम चौंकाने वाली नहीं है। खनिज निरीक्षक और खनिज अधिकारी न तो मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं, न ही किसी प्रकार की जप्ती या प्रकरण दर्ज किया गया है। इससे यह संदेह और गहराता जा रहा है कि क्या यह अवैध खनन विभागीय मिलीभगत के बिना संभव है?
इस अवैध गतिविधि से शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं किसानों की जमीनें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है और ग्रामीण सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध बॉक्साइट चोरी रोज़ाना हो रही है और इसकी जानकारी प्रशासन को है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को किसी बड़े निर्देश का इंतजार है, या फिर यह चुप्पी खुद बहुत कुछ बयां कर रही है?
यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला केवल खनन माफिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आला अधिकारियों की जवाबदेही और पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सीधा सवाल बन जाएगा।
भूला–टिकरिया में अधिकारियों के संरक्षण में बॉक्साइट चोरी, रोज़ 3–5 हाइवा खनिज बाहर, कार्रवाई शून्य
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