डिंडौरी /शैलेश नामदेव /खबर डिजिटल/सपनों को अगर कड़ी मेहनत का ईंधन मिल जाए, तो वह हकीकत की उड़ान भरने लगते हैं। डिंडौरी जिले की बेटी पुष्पलता पट्टा ने अपनी खेल प्रतिभा से कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। आंध्र प्रदेश के कडप्पा में आयोजित होने वाली 69वीं राष्ट्रीय सब-जूनियर बालिका वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए पुष्पलता का चयन मध्य प्रदेश की टीम में हुआ है, जो पूरे जिले के लिए गौरव की बात है।
संघर्ष से सफलता तक: 6 स्तरों की कड़ी परीक्षा
पुष्पलता, जो शासकीय कन्या माध्यमिक शाला शाहपुरा की छात्रा हैं, की यह जीत रातों-रात नहीं मिली। उन्होंने अपनी काबिलियत साबित करने के लिए स्कूल, ब्लॉक, जिला, संभाग, विभागीय राज्य और शालेय राज्य स्तर जैसी छह कठिन स्पर्धाओं में विरोधियों को पछाड़ा। खेल विशेषज्ञों ने उनके ‘सर्विस’ और ‘स्मैश’ की तकनीकी कुशलता को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर के लिए फिट पाया।
मिशन आंध्र प्रदेश: मिशन जीत
पुष्पलता फिलहाल मुरैना में चल रहे विशेष प्री-नेशनल कोचिंग कैंप में पसीना बहा रही हैं। कोच अनिल लोधी के मार्गदर्शन में वे अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दे रही हैं। आगामी 5 से 9 जनवरी 2026 तक वे आंध्र प्रदेश में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाने के इरादे से मैदान में उतरेंगी।
प्रशासन और खेल प्रेमियों ने जताया हर्ष
पुष्पलता की इस बड़ी उपलब्धि पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार जाटव और जिला क्रीड़ा प्रभारी पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने खुशी जाहिर की है। स्कूल के स्टाफ और जिले के खेल प्रेमियों ने इसे ग्रामीण प्रतिभा की बड़ी जीत बताया है। सभी का मानना है कि पुष्पलता जैसी बेटियां न केवल खेल जगत में नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों को जमीनी स्तर पर सार्थक कर रही हैं।


