Thursday, November 5, 2026
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बैतूल-इंदौर एनएच 47 के अधिग्रहण और निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप… किसानों ने जताई नाराजगी

भारतीय किसान यूनियन ने जताया आक्रोश

बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा बैतूल-इंदौर एनएच 47 के अधिग्रहण और निर्माण कार्य में घोर लापरवाही के विरोध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। जिले के जनप्रतिनिधियों के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि बैतूल से इंदौर तक एनएच 47 के अधिग्रहण में गंभीर लापरवाही बरती गई है। प्रस्तावित डिजाइन से बाहर अधिग्रहण और सड़क निर्माण किया गया है, जो निर्धारित एलाइमेंट से हटकर है। भारतीय किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि यह किसानों के साथ बड़ी धोखाधड़ी है। राहगीरों की जान से खिलवाड़ भी है। कई स्थानों पर तीन दिन में पांच-पांच हादसे होने की बात कही गई, जिसे जनता के लिए काल और विनाशकारी चक्र बताया गया। ज्ञापन प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे के मार्गदर्शन में जिला अध्यक्ष लीलाधर बारस्कर, जिला संगठन मंत्री राजेश बारस्कर ने दिया।

किसानों ने दी चेतावनीा
किसानों ने चेतावनी दी कि प्रस्तावित डिजाइन से बाहर अधिग्रहण भविष्य में किसानों के लिए गंभीर संकट बन सकता है। भूमि खरीदी-बिक्री के दौरान सीमांकन के समय सगे संबंधियों और पड़ोसियों में विवाद उत्पन्न होने की संभावना बताई गई। ऐसी स्थितियों में खून-खराबे जैसी नौबत आने तक की आशंका व्यक्त की गई। किसानों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतें दी गई थीं, लेकिन किसी प्रकार का निराकरण नहीं किया गया।

धरना प्रदर्शन के बाद कराया गया सीमांकन
लाचार और विवश होकर किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले एक दिन का धरना प्रदर्शन किया था और महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखकर उस समय के बैतूल कलेक्टर को सौंपा था। किसानों ने 40 किलोमीटर क्षेत्र में अधिग्रहित भूमि का सीमांकन कराने की मांग उठाई थी। कलेक्टर के आदेश क्रमांक क्र/अ.वि.अ./भू-अर्जन/2023/1095 के आधार पर एक सप्ताह के भीतर सीमांकन किया गया, जिसमें बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। किसानों का आरोप है कि इसके बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई।

उच्च स्तरीय जांच टीम बनाने की मांग
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने कहा कि जनप्रतिनिधि उच्च स्तरीय टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराएं। इसमें दोषी पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी, पीडब्ल्यूडी, एनएचआई और संबंधित ठेकेदारों पर सख्त और ठोस कार्रवाई की जाए। किसानों ने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जनमत देकर चुना है और शपथ लेते समय उन्होंने जनहित और सम्प्रभुता की रक्षा का संकल्प लिया है, इसलिए जिले के किसानों और राहगीरों के हितों की रक्षा उनकी जिम्मेदारी है।

आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), जिला बैतूल ने चेतावनी दी कि यदि जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और किसानों व राहगीरों को न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन करेगा और इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। जिला अध्यक्ष लीलाधर बारस्कर ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने और टोल सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए हैं, इसके बावजूद स्थिति नहीं सुधर रही है। जिला संगठन मंत्री राजेश बारस्कर ने बताया कि टोल टैक्स की वसूली तय दूरी के अनुसार की जाती है, लेकिन बैतूल–इंदौर एनएच 47 पर इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है और मनमाने तरीके से टोल वसूला जा रहा है।

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