सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ सीधी पुलिस को सामूहिक दुष्कर्म के एक गंभीर एवं जघन्य प्रकरण में बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे 20,000 रुपये के इनामी तीसरे आरोपी नीलेश रजक को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी सीधी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन ट्रैप” के तहत की गई, जिसमें भौतिक साक्ष्यों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और खुफिया तंत्र का प्रभावी उपयोग किया गया।
दो आरोपियों की पहले हो चुकी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि उक्त सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में इससे पूर्व एक आरोपी एवं एक विधि विरुद्ध बालक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि तीसरा आरोपी नीलेश रजक घटना के बाद से फरार चल रहा था। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को गुमराह कर रहा था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी एक चुनौती बनी हुई थी। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक सीधी द्वारा 20,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
संभावित स्थानों पर दी दबिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही थी। इसी दौरान तकनीकी निगरानी एवं खुफिया सूचना के आधार पर आरोपी के भोपाल में छिपे होने की पुख्ता जानकारी प्राप्त हुई। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस अधीक्षक सीधी के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने भोपाल पहुंचकर सघन बस्ती क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी नीलेश रजक को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
किसी को बख्शा नहीं जाएगा – एसपी
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी ने कहा कि सीधी पुलिस महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेती है। ऐसे जघन्य अपराधों में संलिप्त आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह गिरफ्तारी पुलिस टीम की सतर्कता, तकनीकी दक्षता एवं निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें, सीधी पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना जमोड़ी प्रभारी उप निरीक्षक दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक अवनीश सिंह, आरक्षक के.पी. सिंह, आरक्षक सतीश तिवारी एवं आरक्षक प्रदीप कुमार मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।सीधी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


