रेहटी(सीहोर)/कन्हैया नाथ/खबर डिजिटल/ बुधनी विधानसभा के रेहटी ब्लॉक में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में महिला सम्मान को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह पहला मौका नहीं है जब पूर्व विधायक राजकुमार पटेल की भूमिका को लेकर संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया हो। सम्मेलन के दौरान एक आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री का स्वागत सूची में नाम नहीं लिया गया और उन्हें उनके पद के अनुसार मंच पर नहीं बुलाया गया, जिससे आहत होकर उन्होंने मंच पर आकर अपनी पीड़ा जाहिर की और सवाल उठाया कि आदिवासियों के सम्मान में बार-बार ऐसी लापरवाही क्यों होती है।
26 जनवरी को भी ऐसा ही हुआ था विवाद
इससे पहले 26 जनवरी के अवसर पर भी ऐसा ही विवाद सामने आ चुका है। प्रदेश युवक कांग्रेस के स्पष्ट निर्देश थे कि हर ब्लॉक में महिलाओं से ध्वजारोहण कराया जाए, लेकिन उस दौरान एक महिला कार्यकर्ता द्वारा झंडा वंदन किए जाने पर राजकुमार पटेल द्वारा उन्हें रोक दिया गया था। यह मामला सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहा था। रेहटी सम्मेलन में भी यही मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहा। कार्यक्रम के दौरान जब स्वागत-सत्कार की प्रक्रिया शुरू होनी थी, तभी मंच संचालन कर रहे एक कार्यकर्ता से राजकुमार पटेल ने माइक लेकर स्वयं संचालन शुरू कर दिया और स्वागत-सत्कार में नाम चयन अपने स्तर पर करने लगे। आरोप है कि मंच पर मौजूद कई महिला पदाधिकारियों का न तो नाम लिया गया और न ही उनका सम्मान किया गया। स्वागत-सत्कार की बेला को बीच में ही समाप्त कर कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया गया।
महिला के सम्मान की उठाई आवाज
हालांकि, एक कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा इसका विरोध स्वरूप राजकुमार पटेल से मंच पर जाकर बोला कि महिलाओं का सम्मान होना जरूरी है और जिन्हें नया पर मिला है उनका सम्मान भी किया जाना जरूरी है, इसके बाद राजकुमार पटेल को फिर से स्वागत-सत्कार की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। इसके बाद महिलाओं शाल और फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर राजकुमार पटेल की भूमिका को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं के सम्मान को लेकर बार-बार ऐसी स्थितियां बनना संगठन की छवि और एकजुटता के लिए नुकसानदायक है।
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष का फोटो गायब
विवाद यहीं तक सीमित नहीं रहा। एक और बड़ा सवाल यह उठा कि भोजपुर और बुधनी क्षेत्र के कार्यक्रमों में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती रीना बोरासी का फोटो कहीं नजर नहीं आया। आरोप है कि जब पूर्व में राजकुमार पटेल की भाभी विभा पटेल प्रदेश अध्यक्ष थीं, तब हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में उनके फोटो प्रमुखता से लगाए जाते थे, लेकिन अब नई अध्यक्ष बनने के बाद उनके फोटो न लगाया जाना गुटबाजी की ओर इशारा कर रहा है। राजकुमार पटेल पिछली विधानसभा चुनाव से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हैं और वह वहां के सर्वे शर्मा माने जाते हैं और वह वहां के सर्वे सर्वा माने जाते हैं इसके अलावा, राजकुमार पटेल के गांव क्षेत्र से जुड़े धर्मेंद्र सिंह चौहान के किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बावजूद सोशल मीडिया अपीलों और कार्यक्रमों में उनका नाम न लिया जाना भी सवालों के घेरे में है। पार्टी के भीतर इसे श्रेय लेने की होड़ और गुटबाजी का उदाहरण बताया जा रहा है।
कुल मिलाकर रेहटी का यह सम्मेलन संगठन की मजबूती के बजाय आंतरिक खींचतान, महिला सम्मान और गुटबाजी के मुद्दों को उजागर करता नजर आया।


