Tuesday, November 3, 2026
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1432 करोड़ के इरिगेशन प्रोजक्ट से 1.15 लाख एकड़ भूमि होगी सिंचित बहोरीबंद क्षेत्र के 183 गांव में नर्मदा जल पहुंचाने बिछाई जा रही 1200 किमी लंबी पाइप लाइन


1432 करोड़ के इरिगेशन प्रोजक्ट से 1.15 लाख एकड़ भूमि होगी सिंचित

बहोरीबंद क्षेत्र के 183 गांव में नर्मदा जल पहुंचाने बिछाई जा रही 1200 किमी लंबी पाइप लाइन
कटनी – बहोरीबंद–रीठी विधानसभा क्षेत्र के 165 गांवों सहित कुल 183 गांव 1 लाख 15 हजार एकड़ कृषि भूमि तक नर्मदा नदी का पानी पहुंचाने के लिए खेतों में भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।करीब 1432 करोड़ रुपये की लागत के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में करीब 1200 किलोमीटर लंबाई पाइप लाइन बिछाई जा रही है। जिससे बहोरीबंद रीठी विधानसभा क्षेत्र के 165 गांव सहित कुल 183 गांव लाभान्वित होंगे। बीते आठ महीनों से लगभग हर गांव में खेतों की खुदाई कर पाइप डाले जा रहे हैं, जिससे वर्षों से पानी की आस लगाए किसानों के चेहरों पर अब संतोष और उम्मीद की मुस्कान दिखाई देने लगी है।क्षेत्र की दशकों पुरानी पानी की समस्या को दूर करने के लिए विधायक प्रणय पांडेय के भागीरथी प्रयास कारगर साबित हुए हैं। लिहाजा शासन से इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली और धरातल पर उतारने का काम शुरू हुआ जो किसानों के लिए वरदान साबित होगा। प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा निर्माण एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से बहोरीबंद तहसील के 95 गांव, स्लीमनाबाद के 48 गांव, रीठी के 27 गांव, मुड़वारा के 2 गांव तथा मझौली तहसील के 16 गांव के लाखों किसान सीधे लाभान्वित होंगे।

पाइपलाइन से हर गांव,हर खेत तक पहुंचेगा पानी
नर्मदा दाई तट नहर से सलैया फाटक के समीप से पानी लिफ्ट कर कूड़न जलाशय में पहुंचाया जाएगा। जिसके लिए 3 मीटर व्यास की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। कूड़न जलाशय से ओवरहेड टैंकों के माध्यम से गांव-गांव और खेत-खेत तक जल आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए कुल 1200 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। मुख्य पाइपलाइन का व्यास 3 मीटर, जबकि खेतों डाली जा रही पाइपलाइन का व्यास 63 मिमी है। अब तक करीब 350 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और इसके माध्यम से शाखा नहरें भी खेतों के नीचे विस्तारित की जाएंगी।

भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं
इस परियोजना की खास बात यह है कि किसानों को भूमि अधिग्रहण की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा। खेतों के 3 फिट नीचे भूमिगत पाइप लाइन डाली जा रही है, जिससे खेती प्रभावित नहीं होगी। इसके साथ ही प्रत्येक 20 हेक्टेयर क्षेत्र में एक पंप हाउस स्थापित किया जाएगा।
कूड़न जलाशय से आगे इमलिया पहाड़, सिहुडी- बाकल, केवलारी निपानिया और पहरुआ पहाड़ पर ओवरहेड टैंकों का निर्माण किया जाएगा। यहां से ढाई हेक्टेयर पर एक कनेक्शन के आधार पर खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।

सिंचाई के साथ पेयजल संकट भी होगा दूर
माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना से केवल कृषि सिंचाई ही नहीं, बल्कि पेयजल संकट भी दूर होगा। नर्मदा जल पहुंचते ही गांवों में उसी स्तर पर पीने के पानी की भी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पठारी क्षेत्र सहित अन्य गांवों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि परियोजना को सितंबर 2029 तक पूर्ण किया जाना है, लेकिन जिस तेजी से काम चल रहा है, उससे इसके समय से पहले पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इनका कहना है
बहोरीबंद रीठी क्षेत्र के दशकों पुरानी मांग पूर्ण हुई है ।प्रदेश सरकार की स्वीकृति के साथ ही कार्य गुणवत्ता और तेजी से कराया जा रहा है। पाइप लाइन विस्तार का कार्य चल रहा है।उम्मीद है कि निर्धारित समय से पूर्व यह परियोजना पूर्ण हो जाएगी।जिसकी सतत मॉनिटरिंग हो रही है।जिससे किसानों के खेतों में नर्मदा का जल पहुंचाने का सपना जल्द साकार हो।
प्रणय प्रभात पांडेय, विधायक, बहोरीबंद

प्रोजेक्ट में 1190 किलोमीटर भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जाना है। 1432 करोड़ के प्रोजेक्ट में 183 गांव के खेतों में पानी पहुंचेगा।अब तक लगभग 30 प्रतिशत कार्य हो चुका है।सितंबर 2029 तक कार्य की अवधि है लेकिन कोशिश की जा रही है कि उससे पहले ही यह प्रोजेक्ट पूर्ण कर लिया जाए
जी आर सिंह, ई ई, बहोरीबंद माइक्रो प्रोजेक्ट

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