भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव अनुराग जैन अब हर अधिकारी के काम पर नजर रखने जा रहे हैं, और अधिकारियों की परफार्मेंस रिपोर्ट के आधार पर ही उनके तबादले किए जाएंगे। वल्लभ भवन के अंदरखानों से खबर छनकर सामने आई है कि मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर तक के अधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग तैयार कर रहा हैं, क्योंकि एक जनवरी को कई अधिकारी पदोन्नत किए गए थे, लेकिन उनकी पदस्थापना अब तक नहीं हो पाई है। जिसको लेकर गंभीर कवायद शुरु कर दी गई है, माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में प्रशासनिक फेरबदल का बड़ा आदेश आ जाएगा, जिसका सीधा-सीधा असर सरकार की छवि को चमकाना होगा।
15 जनवरी को मुख्य सचिव ने बुलाई अहम बैठक
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर,कमिश्नर,नगर निगम आयुक्त जिला पंचायत और स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की कांफ्रेंस बुलाई है। इसमें मैदानी अधिकारियों के परफॉर्मेंस को जांचा जाएगा। इसके बाद तबादलों की लिस्ट तैयार की जाएगी। बताया यह भी जा रहा है कि कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी 21 फरवरी तक नहीं बदले जाएंगे,क्योंकि प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम चल रहा है। उसके बाद ही इन अधिकारियों में फेरबदल की लंबी सूची जारी होगी। जिसको लेकर मंत्रालय के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पदस्थापना में होगा नया क्राइटेरिया
प्रदेश में कलेक्टर से लेकर सचिव स्तर के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। सभी की पदोन्नति अभी वर्तमान पदों को उच्च पद के समकक्ष घोषित कर दी गई है। कई अधिकारियों को एक स्थान पर पदस्थ रहते दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं, ऐसे में इनके स्थान पर नए अधिकारियों की पदस्थापना करने का मन बनाया गया है। वहीं मंत्रालय में कुछ अपर सचिव को सचिव बनाया गया गया है। इनकी पदस्थापना भी होनी हैं। 15 जनवरी को होने वाली कलेक्टर,कमिश्नर कान्फ्रेंस के लिए करीब 85 बिंदुओं पर जिलेवार रिपोर्ट तैयार की जा रही है और उसी के आधार पर अधिकारियों से बात की जाएगी। जिसके बाद तैयार होगा अधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड।
संघ की रिपोर्ट भी हो चुकी खास
इंदौर के भागीरथपुरा जल कांड के बाद बीजेपी के नेताओं ने सबसे ज्यादा उंगली अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाई थी। जिसके बाद निगमायुक्त समेत अन्य अधिकारियों पर गाज गिरी। नए अधिकारियों ने तत्काल मोर्चा संभालकर ज्वाइनिंग ले ली। ऐसे में संघ भी मैदान में आ गया। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को संघ कार्यालय सुदर्शन पहुंचना पड़ा। उसी के बाद से माना जा रहा है कि संघ भी अब अधिकारियों की पोस्टिंग में अपनी सूची देकर अपनी सामाजिक भूमिका को निभा सकता है, क्योंकि काफी दिनों से संघ की पसंद के अधिकारी मैदानी मोर्चे पर दिखाई नहीं दिए, जोकि जनता के बीच सीधी पकड़ रखते हैं।
सोशल मीडिया पर उपस्थिति के मिल सकते हैं निर्देश
अधिकारियों की जनता के बीच धूंधली होती छवि को निखारने के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं कि वो सोशल मीडिया पर अपनी बेहतर एक्टिविटी को जनता के सामने रखे। इसके लिए दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े का उदाहरण दिया जा सकता है, जोकि सोशल मीडिया का जनता से जुड़ाव के लिए अच्छा उपयोग कर रहे हैं, उसी का नतीजा है कि उनकी फैन फॉलोइंग इस कदर है कि लोग उनसे मिलने अन्य जिलों से भी आ रहे हैं, कुल मिलाकर मुख्य सचिव अनुराग जैन अधिकारियों को सीधा संदेश जनता के सुख-दुख में भागीदार बनने का दे सकते हैं।


