जयपुर/नई दिल्ली : भारत के अग्रणी खनिज और ऊर्जा संस्थान, वेदांता लिमिटेड ने दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक समागम ‘जयपुर साहित्य महोत्सव’ (JLF) 2026 में अपनी कलात्मक और तकनीकी मौजूदगी दर्ज कराई है। 15 से 19 जनवरी तक आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया। इस मंच के माध्यम से वेदांता ने यह दर्शाया कि कैसे धातु और ऊर्जा की कहानी आधुनिक जीवन, संस्कृति और सामाजिक विकास के साथ गहराई से जुड़ी हुई है।
महोत्सव के दौरान ‘वेदांता पैविलियन’ एक इंटरैक्टिव और ज्ञान-आधारित केंद्र के रूप में उभरा, जहाँ आगंतुकों ने रोज़मर्रा के जीवन में धातुओं की महत्ता को समझा। इस पैविलियन का मुख्य आकर्षण वर्चुअल रियलिटी (VR) अनुभव था, जो दर्शकों को राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित दुनिया की सबसे बड़ी जिंक खदान, रामपुरा अगुचा की आभासी यात्रा पर ले गया। इसके साथ ही, एक एआई-पावर्ड अवतार ने पर्सनलाइज़्ड ‘मैटल पर्सनेलिटी’ स्टोरीटैलिंग के माध्यम से युवाओं और तकनीकी प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वेदांता की इस भागीदारी का एक अन्य महत्वपूर्ण केंद्र ‘अनिल अग्रवाल फाउंडेशन बागान’ रहा, जहाँ भारत की पारंपरिक शिल्पकला जैसे ब्लॉक प्रिंटिंग, कठपुतली और लोक संगीत का जश्न मनाया गया। समावेशी विकास की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक और कैयर्न ऑयल एंड गैस द्वारा समर्थित महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक विशेष मंच प्रदान किया। इस प्रयास के माध्यम से स्थानीय महिला उद्यमियों को एक बड़ा बाज़ार और नई पहचान मिली है।
जयपुर साहित्य महोत्सव के अलावा, वेदांता राजस्थान के सांस्कृतिक और खेल परिदृश्य को पिंक सिटी हाफ मैराथन और उदयपुर म्यूजिक फेस्टिवल जैसी पहलों के माध्यम से निरंतर समर्थन दे रहा है। कंपनी का उद्देश्य नवाचार और विरासत को एक साथ लाकर प्रदेश के समावेशी और स्थायी विकास में योगदान देना है।


