भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के आगामी मौसम को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। आने वाले 48 घंटों में मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव दिखाई देगा। इतने दिनों से पड़ रही सर्दी में अबकी बार एक बार भी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में मौसम विभाग ने इस सीजन में पहली बार बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने को कारण बताया जा रहा है। जिसके चलते प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। जिसका सीधा असर तापमान पर भी पड़ेगा और अगले तीन दिनों में दिन का पारा 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा।
पश्चिमी विक्षोभ का दिखाई देगा असर
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और 5.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर ट्रफ के रूप में सक्रिय दिखाई दे रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले दो दिनों में ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। सैटेलाइट की तस्वीरें बता रही है कि मुरैना, दतिया और भिंड के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है, इसके अलावा 23 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भी हल्की बारिश हो सकती है, 24 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है।
एक बार फिर सीजन की कड़ाके की सर्दी
बारिश और बादलों के असर से आने वाले तीन दिनों तक दिन का तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है, हालांकि फिलहाल मौसम पूरी तरह साफ है, लेकिन आने वाले समय में कई जगहों पर बादल देखे जा रहे हैं। जिसके कारण अधिकतर क्षेत्रों में दिन का तापमान औसत से नीचे जाता जा रहा है, वहीं अगले दो दिन तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिसका असर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में देखने को मिलेगा, हालांकि सिस्टम की तीव्रता को लेकर फिलहाल आंकलन किया जा रहा है।
इस सीजन में नहीं हुई बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि इस बार ठंड के मौसम में अब तक बारिश नहीं हुई है, दिसंबर और जनवरी के मध्य तक प्रदेश पूरी तरह ड्राय रहा है, लेकिन अब जो मौसम प्रणाली बन रही है, उससे बारिश की संभावना जरूर बनी हुई है, अब सूर्य उत्तरायण होना शुरू हो गया है, जिससे धीरे-धीरे गर्मी की ओर बढ़ाव होगा, हालांकि फिलहाल उत्तरी हवाओं के चलते ठंड का असर दिखाई दे रहा है। आमतौर पर 15 फरवरी के बाद तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो जाती है और इस बार भी यही संभावना जताई जा रही है।


