नई दिल्ली : भारत के कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ‘इंडिया स्किल्स एक्सेलेरेटर’ को लॉन्च करना है, जो एक मल्टी-स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। यह पहल उद्योग जगत की उभरती मांगों और वर्कफोर्स के कौशल के बीच मौजूद अंतर (Skill Gap) को पाटने के लिए नवाचारी समाधान और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देगी।
भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स का निर्माण इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी ने कहा कि यह साझेदारी भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम को ‘फ्यूचर ऑफ वर्क’ के साथ जोड़ने की एक रणनीतिक विजन है। उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और ‘विज़न इंडिया@2047’ के अनुरूप, यह पहल परिणाम-आधारित कौशल वित्तपोषण और ‘लाइफलॉन्ग लर्निंग’ को बढ़ावा देगी। शिक्षा राज्य मंत्री श्री सुकांत मजूमदार ने भी इस सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि इससे भारतीय युवाओं की वैश्विक रोजगार क्षमता बढ़ेगी और वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार हो सकेंगे।
निजी क्षेत्र और वैश्विक दृष्टिकोण का एकीकरण इंडिया स्किल्स एक्सेलेरेटर के सह-अध्यक्ष और बजाज फिनसर्व के सीएमडी संजीव बजाज ने इसे भारत की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत के विशाल युवा टैलेंट को वैश्विक अंतर्दृष्टि (Global Insights) के साथ संरेखित करना जनसांख्यिकीय लाभ को आर्थिक नेतृत्व में बदलने के लिए आवश्यक है। वहीं, अपोलो हॉस्पिटल्स की प्रमोटर डायरेक्टर और एक्सेलेरेटर की सह-अध्यक्ष सुश्री शोभना कामिनेनी ने कहा कि यह पहल पॉलिसी और प्रैक्टिस के बीच के लिंक को मजबूत कर भारत को दुनिया के लिए एक ‘भरोसेमंद टैलेंट पार्टनर’ के रूप में स्थापित करेगी।
यह एक्सेलेरेटर विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेगा। MSDE इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए एआईसीटीई (AICTE), यूजीसी (UGC) और विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करेगा। इस गवर्नेंस फ्रेमवर्क में सरकार और निजी क्षेत्र के को-चेयर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के साथ समन्वय करेंगे, जिससे विकसित भारत @2047 की यात्रा में भारत एक ग्लोबल स्किल हब बनकर उभर सके।
