अनूपपुर/मनोज तिवारी/ खबर डिजिटल/ जिले के कोतमा बाजार से केशवाही होते हुए शहडोल जाने वाला मार्ग और महेंद्रगढ़ से शहडोल को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (NH-43) का तिराहा इन दिनों दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनता जा रहा है। यह स्थान एक बीच-क्रॉसिंग के रूप में स्थित है, जहां यातायात नियंत्रण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश
स्थानीय निवासियों से बातचीत में सामने आया कि इस तिराहे पर न तो ट्रैफिक सिग्नल है, न ही कोई चेतावनी संकेत। तेज रफ्तार वाहनों के कारण पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि हाल ही में यहां एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई थी और इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
कंप्यूटराइज्ड यातायात व्यवस्था की जरूरत
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस स्थान पर कंप्यूटराइज्ड ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में होने वाले हादसों को रोका जा सके। उनका कहना है कि तकनीकी व्यवस्था से यातायात नियंत्रित होगा और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल
यह क्षेत्र अनूपपुर जिले के बिजुरी–कोतमा विधानसभा अंतर्गत आता है, जो लघु एवं ग्रामीण मंत्री दिलीप जायसवाल का क्षेत्र माना जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का इस गंभीर समस्या की ओर अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं गया है।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय नागरिकों ने अनूपपुर जिला प्रशासन और कलेक्टर से इस स्थिति का तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो दुर्घटनाओं का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।


