गाडरवारा/खबर डिजिटल/ गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 26 जनवरी 2026, सोमवार को गाडरवारा क्षेत्र में संविधान सम्मान तिरंगा बाइक रैली का भव्य आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से भारतीय संविधान के सम्मान के साथ सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।

सालीचौका से गाडरवारा तक निकली रैली
रैली का शुभारंभ प्रातः 10:30 बजे सालीचौका के पोड़ार तिगड्डा से हुआ। यह रैली सालीचौका बाजार, राधाकृष्ण मंदिर और खेरापति मंदिर से होते हुए ग्राम बसुरिया, बारहाबड़ा और सूखाखैरी पहुंची। दोपहर 1 बजे रैली चीचली मार्ग से गाडरवारा नगर में स्टेशन रोड के माध्यम से प्रवेश की। नगर में पलोटन गंज, छीपा तिराहा, हॉस्पिटल रोड और पानी की टंकी मार्ग से गुजरते हुए शाम 4 बजे पलोटन गंज में रैली का समापन हुआ, जहां प्रेरणादायक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

तिरंगा और नीले झंडों के साथ उमड़ा जनसैलाब
रैली में युवाओं के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतिभागियों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और नीले झंडे थे। पूरे मार्ग में भारत माता की जय और जय भीम के नारों से वातावरण देशभक्ति और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत रहा।
अनुशासन और सौहार्द का उदाहरण
आयोजकों द्वारा रैली के दौरान पूर्ण अनुशासन और शांति बनाए रखी गई। यातायात नियमों का पालन किया गया, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
शिक्षा, महिला और मजदूर अधिकारों पर जोर
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा को सामाजिक समानता की नींव बताया। उन्होंने महिलाओं को समान अधिकार, समान वेतन और कानूनी सुरक्षा दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। वहीं श्रम मंत्री के रूप में 8 घंटे कार्य-दिवस, साप्ताहिक अवकाश और ओवरटाइम जैसी व्यवस्थाएं लागू कर मजदूरों को सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिया।
संविधान: एक जीवन-दर्शन
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे का जीवंत दस्तावेज है। बाबा साहेब के विचारों को अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।


