भारत की अग्रणी अक्षय ऊर्जा कंपनी और टाटा पावर की सहायक इकाई, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने देश के स्वच्छ ऊर्जा परिदृश्य में अपनी नेतृत्व क्षमता को साबित करते हुए 10 गीगावाट (GW) ईपीसी (EPC) परियोजनाओं को चालू करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा स्थापित इस कुल क्षमता में 9.7 GW सौर परियोजनाएं और 290 MW पवन परियोजनाएं शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इसमें 4.2 GW की इन-हाउस (स्वयं की) परियोजनाएं और 5.8 GW की थर्ड-पार्टी ग्राहकों के लिए विकसित की गई परियोजनाएं शामिल हैं, जो टाटा पावर के परियोजना प्रबंधन और तकनीकी कौशल पर बाजार के भरोसे को दर्शाती हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) कंपनी के लिए विकास के लिहाज से असाधारण रहा है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही (Q3) में कंपनी ने 941 मेगावाट की परियोजनाएं चालू कीं, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही (393 मेगावाट) के मुकाबले 139% की भारी वार्षिक वृद्धि है। यदि चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2025) की बात करें, तो TPREL ने 1.88 GW की अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 33% अधिक है। इस अवधि में राजस्थान के बीकानेर में एनएचपीसी और एनएलसी जैसे बड़े संस्थानों के लिए डीसीआर-अनुपालन वाली सौर परियोजनाएं और तमिलनाडु के करूर में 187 MW की पवन परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
चुनौतीपूर्ण मृदा संरचना और कठिन जलवायु परिस्थितियों के बावजूद, कंपनी ने 5 राज्यों में इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से निष्पादित किया है। TPREL की कुल परिचालन क्षमता अब 6.0 GW (4.8 GW सौर और 1.2 GW पवन) तक पहुँच गई है। कंपनी की भविष्य की योजनाओं में वित्त वर्ष 26 के अंत तक अपनी उपयोगिता-स्वामित्व वाली क्षमता में 0.75 GW की अतिरिक्त वृद्धि करना शामिल है। एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और कुशल वेंडर साझेदारी के माध्यम से टाटा पावर रिन्यूएबल्स न केवल अपनी क्षमता बढ़ा रही है, बल्कि भारत के ‘नेट-जीरो’ लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।


