भारत की अग्रणी एकीकृत बिजली कंपनी, टाटा पावर ने उत्तर प्रदेश में ऊर्जा पारेषण (Transmission) की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने राज्य के पारेषण नेटवर्क को मजबूती देने के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण 765 kV एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) कॉरिडोर—380 सर्किट किलोमीटर (CKM) लंबी ‘मेनपुरी-बारा’ लाइन और 194 CKM लंबी ‘मेनपुरी-उन्नाव’ लाइन—को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। ये हाई-कैपेसिटी कॉरिडोर उत्तरी ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने में ‘बैकबोन’ की भूमिका निभाएंगे।
3,000 मेगावाट बिजली आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त साउथ ईस्ट यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (SEUPPTCL) परियोजना के तहत विकसित ये लाइनें राज्य के भीतर उत्पन्न होने वाली 3,000 मेगावाट से अधिक थर्मल पावर की निकासी की सुविधा प्रदान करेंगी। यह परियोजना टाटा पावर और आईसीआईसीआई बैंक समर्थित ‘रिसर्जेंट पावर वेंचर्स’ द्वारा अधिग्रहित की गई थी। इस विस्तार के साथ ही, टाटा पावर के पास अब कुल 5,312 CKM की चालू ट्रांसमिशन लाइनें हो गई हैं, जो देश के बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण में कंपनी की बढ़ती भूमिका को दर्शाती हैं।
इंजीनियरिंग की जटिल चुनौतियों पर विजय इस परियोजना का निष्पादन इंजीनियरिंग के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसके निर्माण में 42,000 मीट्रिक टन से अधिक टावर स्टील का उपयोग किया गया और रेलवे लाइनों, नदियों व मौजूदा बिजली लाइनों सहित 100 से अधिक प्रमुख क्रॉसिंग को सुरक्षित रूप से पार किया गया। टाटा पावर ने कड़े सुरक्षा मानकों और परिचालन उत्कृष्टता के साथ इस कार्य को समय पर पूरा किया है। यह कॉरिडोर न केवल उत्तर प्रदेश में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, बल्कि राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।


