गुरुग्राम: एयर इंडिया ने आज अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन और यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में दो बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। एयरलाइन के लिए विशेष रूप से निर्मित पहले बोइंग 787-9 (B787-9) विमान ने आज मुंबई से फ्रैंकफर्ट के बीच अपनी पहली वाणिज्यिक उड़ान भरी। इसी के साथ, एयर इंडिया ने लगभग छह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दिल्ली और शंघाई के बीच अपनी सीधी विमान सेवा को भी आधिकारिक रूप से बहाल कर दिया है, जिससे भारत और चीन के बीच व्यापारिक व पर्यटन कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
मुंबई से फ्रैंकफर्ट के लिए प्रस्थान करने वाला नया B787-9 विमान (पंजीकरण संख्या VT-AWA) एयर इंडिया के नए केबिन इंटीरियर का मानक पेश करता है। इस विमान को विशेष रूप से यात्री आराम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें बिजनेस क्लास में 1-2-1 लेआउट वाले 30 सुइट्स शामिल हैं, जो सीधे गलियारे तक पहुंच और वायरलेस चार्जिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। इसके अलावा, विमान में प्रीमियम इकोनॉमी की 28 चौड़ी सीटें और इकोनॉमी क्लास की 238 आरामदायक सीटें उपलब्ध हैं। सभी श्रेणियों में अत्याधुनिक ‘थेल्स एवेंट अप’ इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम और भारतीय संस्कृति से प्रेरित ‘मूड लाइटिंग’ की व्यवस्था की गई है।
दूसरी ओर, दिल्ली से शंघाई के लिए उड़ान संख्या AI352 ने दोपहर 12:07 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रस्थान किया। यह सेवा सप्ताह में चार दिन बोइंग 787-8 विमान के माध्यम से संचालित की जाएगी। एयरलाइन के इस कदम से दोनों देशों के बीच यात्रा करने वाले व्यापारियों और पर्यटकों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। इन ऐतिहासिक उड़ानों की शुरुआत एयर इंडिया के उस व्यापक परिवर्तन अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत एयरलाइन अपने बेड़े को आधुनिक बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाओं का विस्तार करने के लिए निरंतर निवेश कर रही है।


