गुरुग्राम : भारत की प्रमुख सौर ऊर्जा कंपनी सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने अपने ‘N-TOPCON बाइफेशियल G12R’ सोलर मॉड्यूल के लिए ‘एनवायर्नमेंटल प्रोडक्ट डिक्लेरेशन’ (EPD) प्रमाणन प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। इस प्रमाणन के साथ सात्विक उन विशिष्ट भारतीय निर्माताओं की श्रेणी में शामिल हो गया है जिनके पास ‘इंटरनेशनल ईपीडी सिस्टम’ द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित डेटा उपलब्ध है। यह प्रमाणन आईएसओ 14025 और ईएन 15804 जैसे कड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत किए गए व्यापक ‘लाइफ साइकल असेसमेंट’ (LCA) पर आधारित है, जो उत्पाद के निर्माण से लेकर उसके निपटान तक के संपूर्ण पर्यावरणीय प्रभाव की पुष्टि करता है।
सात्विक का N-TOPCON बाइफेशियल G12R मॉड्यूल न केवल तकनीक बल्कि स्थिरता के मामले में भी अग्रणी साबित हुआ है। 23.12% की उच्च दक्षता के साथ 625 Wp तक का पावर आउटपुट देने वाले इस मॉड्यूल का ‘ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल’ मात्र 0.379 kg CO₂-eq/Wp दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा आधुनिक सौर मॉड्यूल्स की श्रेणी में सबसे कम कार्बन उत्सर्जन स्तरों में से एक है, जो सात्विक के विनिर्माण की उच्च गुणवत्ता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह उच्च दक्षता और न्यूनतम कार्बन फुटप्रिंट का तालमेल ग्राहकों को पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना अधिकतम स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त करने में मदद करेगा।
सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ, श्री प्रशांत माथुर ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ईपीडी प्रमाणन पारदर्शिता और जिम्मेदार विनिर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित डेटा प्रदान करके कंपनी अपने वैश्विक भागीदारों को स्थिरता मानकों के अनुरूप निर्णय लेने में सक्षम बना रही है। यह मील का पत्थर साबित करता है कि अत्याधुनिक सौर तकनीक और कम कार्बन उत्पादन का समन्वय संभव है, जो टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व को और मजबूती प्रदान करता है।
