गणेशगंज/लखनादौन/ राकेश यादव/ खबर डिजिटल/ पेयजल की भीषण किल्लत से जूझ रहे ग्राम पंचायत बिजना और अमान टोला के ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। पिछले एक साल से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीणों ने गुरुवार दोपहर लगभग 1 बजे नेशनल हाईवे-44 (गणेशगंज-नागपुर-जबलपुर मार्ग) पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
प्रशासनिक उपेक्षा से फूटा आक्रोश
आंदोलनकारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से सरपंच, सचिव और जिला प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों को लगातार अनसुना किया गया। आश्वासन बहुत मिले, पर प्यास नहीं बुझी, कहते हुए ग्रामीणों ने सड़क पर ही डेरा डाल दिया। उनकी मांग थी कि जब तक संबंधित विभाग के आला अधिकारी और तहसीलदार लिखित में समाधान की गारंटी नहीं देते, वे हाईवे से नहीं हटेंगे।
पुलिस और प्रशासन की मशक्कत
जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार, लखनादौन व छपारा थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक तीखी बहस और चर्चा का दौर चला। ग्रामीण इस बार मौखिक वादों पर भरोसा करने को तैयार नहीं थे।
तीन दिन का अल्टीमेटम और लिखित आश्वासन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को तीन दिवस के भीतर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का लिखित आश्वासन दिया। इस ठोस भरोसे के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। हालांकि, ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटों में नलों से पानी नहीं टपका, तो वे दोबारा हाईवे जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
