नई दिल्ली : भारत के कौशल विकास विजन को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने आज नई दिल्ली में अमेज़न की ‘थिंक बिग’ पहल के तहत दो ‘एआई स्किल्स वैन्स’ (AI Skills Vans) का उद्घाटन किया। ये मोबाइल लर्निंग लैब्स दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के उन सरकारी स्कूलों और समुदायों तक क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा पहुँचाएंगी, जहाँ तकनीकी संसाधनों की पहुँच सीमित है। इस अवसर पर अमेज़न के मुख्य वैश्विक मामलों के अधिकारी डेविड ज़ापोल्स्की भी उपस्थित रहे, जहाँ उन्होंने 2030 तक 40 लाख सरकारी स्कूली छात्रों तक एआई शिक्षा पहुँचाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रत्येक ‘एआई स्किल्स वैन’ एक सुसज्जित मोबाइल इकोसिस्टम के रूप में कार्य करेगी, जो छात्रों को कम्प्यूटेशनल सोच, एआई के बुनियादी सिद्धांतों और इसके नैतिक उपयोग से परिचित कराएगी। वर्ष 2026 में इन वैन्स के माध्यम से 9,000 से अधिक छात्रों और 100 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिससे अगले पांच वर्षों में ‘मल्टीप्लायर इफ़ेक्ट’ के जरिए 1,00,000 अतिरिक्त छात्रों तक पहुँच बनाई जा सकेगी। मंत्री श्री जयंत चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह ‘स्किल इंडिया’ और ‘राष्ट्रीय एआई मिशन’ के उद्देश्यों को पूरा करने में सहायक होगी। लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन के सहयोग से संचालित यह प्रोजेक्ट अमेज़न के उस बड़े निवेश का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी 2030 तक भारत में एआई-संचालित डिजिटलीकरण के लिए 35 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है।
