नई दिल्ली : माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर स्थित ‘राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान’ (NSTI) में एयरोनॉटिक्स और डिफेंस क्षेत्र के लिए एक अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (NCoE) स्थापित करने की ऐतिहासिक घोषणा की है। फ्रांसीसी गणराज्य के सहयोग से बनने वाले इस केंद्र की घोषणा प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान की। यह पहल ‘प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई’ (PM-SETU) योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करना है।
विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और रणनीतिक साझेदारी कानपुर में प्रस्तावित यह केंद्र एयरोनॉटिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO), एयरपोर्ट ऑपरेशंस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे उन्नत क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगा। कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने इस केंद्र को भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया, जो वैश्विक स्तर पर सक्षम विमानन पेशेवरों की एक नई पीढ़ी तैयार करेगा। इस केंद्र के लिए दोनों देशों के बीच एक ‘आशय पत्र’ (LoI) का आदान-प्रदान भी किया गया है, जिसके तहत पाठ्यक्रम का सह-डिज़ाइन, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ToT) और छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता मार्गों (Mobility Pathways) का विकास किया जाएगा।
पीएम-सेतु: 1,000 आईटीआई के आधुनिकीकरण का लक्ष्य ₹60,000 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली ‘पीएम-सेतु’ योजना का उद्देश्य देश भर के 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का कायाकल्प करना है। कानपुर का विमानन केंद्र इसी श्रृंखला की एक कड़ी है। कानपुर के अलावा लुधियाना, हैदराबाद, चेन्नई और भुवनेश्वर में भी क्षेत्रीय औद्योगिक शक्तियों के आधार पर अन्य ‘नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ प्रस्तावित हैं। यह व्यापक पहल न केवल बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाएगी, बल्कि उद्योग की मांग के अनुसार पाठ्यक्रमों को अपडेट कर ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को मजबूती प्रदान करेगी।
