Wednesday, November 4, 2026
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‘बढ़ना है तो यहाँ जुड़ना है’ – श्री जयन्त चौधरी ने अमिताभ बच्चन के साथ लॉन्च किया सिद्ध (SIDH) का देशव्यापी अभियान

नई दिल्ली : भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान एक बड़े डिजिटल आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने “बढ़ना है तो यहाँ जुड़ना है” नामक एक महत्वाकांक्षी जागरूकता अभियान लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) को देश के कोने-कोने तक पहुँचाना है। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन का इससे जुड़ना है, जिनकी अपील के माध्यम से सरकार देश के युवाओं और नागरिकों को डिजिटल स्किलिंग के इस एकीकृत मंच से जोड़ना चाहती है।

सिद्ध (SIDH): डिजिटल इंडिया का पावरहाउस

स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) केवल एक पोर्टल नहीं, बल्कि ‘इंडिया स्टैक’ की तर्ज पर बनाया गया एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है। इस प्लेटफॉर्म ने पहले ही 1.5 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों को अपने साथ जोड़कर देश के सबसे बड़े यूनिफाइड डिजिटल स्किलिंग प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी पहचान बना ली है।

प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताएं:

  • एआई-आधारित व्यक्तिगत अनुभव: यह छात्रों की पसंद और करियर लक्ष्यों के आधार पर कोर्स का सुझाव देता है।
  • डिजिटल क्रेडेंशियल्स: क्यूआर-कोड युक्त डिजिटल सीवी (CV) और डिजिटली वेरीफाइड प्रमाणपत्र।
  • बहुभाषी पहुंच: 21 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध, जिससे भाषा की बाधा खत्म होती है।
  • सुरक्षित पंजीकरण: आधार-बेस्ड ई-केवाईसी और ओटीपी-आधारित मोबाइल एक्सेस।

विकास की ओर एक सामूहिक आमंत्रण

अभियान के लॉन्च पर श्री जयन्त चौधरी ने कहा कि एआई और ऑटोमेशन के इस युग में ‘सिद्ध’ नागरिकों को अपस्किल और फ्यूचर-प्रूफ बनाने के लिए एक सेंट्रल इंजन का काम करेगा। यह प्लेटफॉर्म छात्रों, स्नातकों, कामकाजी पेशेवरों और उद्यमियों—सभी के लिए समान रूप से उपयोगी है। “बढ़ना है तो यहाँ जुड़ना है” अभियान को सोशल मीडिया, डिजिटल ऐप्स और क्यूआर-कोड टचपॉइंट्स के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा ताकि पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।

यह पहल भारत को ‘ग्लोबल स्किल कैपिटल’ बनाने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह सुनिश्चित करता है कि समृद्धि के लिए आजीवन सीखने (Lifelong Learning) का अवसर हर भारतीय को, कभी भी और कहीं भी मिल सके।

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