जयपुर : स्वास्थ्य प्रबंधन और शोध के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान, आईआईएचएमआर (IIHMR) यूनिवर्सिटी, जयपुर में दो दिवसीय ‘ग्लोबल हेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च कॉन्फ्रेंस’ का सफल समापन हुआ। 20 से 21 फरवरी तक चली इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य केंद्र “ग्लोबल हेल्थ के लिए एआई (AI): इनोवेशन, इंटीग्रेशन और सस्टेनेबिलिटी” रहा। इस आयोजन ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक और प्रभावी उपयोग के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है।
प्रधानमंत्री का ‘MANAV’ फ्रेमवर्क: एआई के लिए एक नैतिक दृष्टिकोण
कॉन्फ्रेंस के दौरान आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुझाए गए एआई फ्रेमवर्क ‘MANAV’ (मानव) के महत्व पर प्रकाश डाला। यह फ्रेमवर्क एआई के उपयोग को केवल दक्षता तक सीमित न रखकर उसे मानवीय मूल्यों से जोड़ता है:
- M (Moral & Ethical): नैतिक और एथिकल मानदंडों का पालन।
- A (Accountable Governance): जवाबदेह शासन सुनिश्चित करना।
- N (National Sovereignty): राष्ट्रीय संप्रभुता और डेटा सुरक्षा।
- A (Accessible & Inclusive): एआई तकनीक की पहुँच सभी के लिए सुलभ और समावेशी हो।
- V (Value & Legitimate): तर्कसंगत और मूल्य-आधारित समाधान।
विशेषज्ञों का मंथन: स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल क्रांति
कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के वाइस चांसलर डॉ. प्रमोद येओले ने किया। उन्होंने ज़ोर दिया कि आज स्वास्थ्य प्रणाली को मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी और पब्लिक पॉलिसी के बीच आपसी सहयोग की सख्त ज़रूरत है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा की:
- प्रेडिक्टिव केयर: बीमारियों की पहले से पहचान और जनसंख्या स्वास्थ्य प्रबंधन।
- फार्मा एक्सीलेंस: मार्केट एक्सेस, सप्लाई चेन फोरकास्टिंग और दवाओं की सटीक भविष्यवाणी।
- डिजिटल हेल्थ: टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और एआई-सक्षम डायग्नोस्टिक्स के ज़रिए ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच।
- धोखाधड़ी का पता लगाना: बीमा धोखाधड़ी को रोकने के लिए एआई-संचालित मॉडल।
साझेदारी और भविष्य की राह
कॉन्फ्रेंस के दौरान आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पार्टनर संस्थानों के साथ 10 एमओयू (MoU) साइन किए। यूनिवर्सिटी की प्रोवोस्ट डॉ. हिमाद्री सिन्हा ने बताया कि इस आयोजन में 20 से अधिक जाने-माने वक्ताओं और 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पीडब्ल्यूसी (PwC), नारायण हेल्थ, नोवो नॉर्डिस्क और वाधवानी एआई जैसे प्रतिष्ठित संगठनों की भागीदारी ने इस चर्चा को वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक बनाया।
यह कॉन्फ्रेंस इस साझा प्रतिबद्धता के साथ समाप्त हुई कि एआई का उपयोग न केवल डेटा विश्लेषण के लिए, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में समानता, सुलभता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।
