मुंबई: असम की समृद्ध कलात्मक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और जेएसडब्ल्यू (JSW) ग्रुप के चेयरमैन श्री सज्जन जिंदल ने गुवाहाटी के खानापारा स्थित सेरीकल्चर फार्म में एक अत्याधुनिक विरासत संग्रहालय की आधारशिला रखी। 45,000 वर्ग फुट में फैले इस भव्य संस्थान का पूरा निर्माण खर्च जेएसडब्ल्यू ग्रुप द्वारा वहन किया जा रहा है, जिसे एक विश्व स्तरीय सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर श्रीमती सावित्री जिंदल, श्रीमती संगीता जिंदल और असम के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री श्री बिमल बोरा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह संग्रहालय उन्नत ‘क्लाइमेट कंट्रोल’ और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस होगा, ताकि असम की बहुमूल्य कलाकृतियों को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सके।
इस संग्रहालय का सबसे बड़ा आकर्षण 16वीं शताब्दी का ‘वृन्दावनी वस्त्र’ होगा, जिसे पहली बार यहाँ सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में बुना गया यह दुर्लभ रेशमी वस्त्र भगवान कृष्ण की लीलाओं को अद्भुत तरीके से जीवंत करता है। जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने इस परियोजना को असम की महान परंपरा के प्रति एक श्रद्धांजलि बताते हुए कहा कि यह संग्रहालय समाज की पहचान को आकार देने और नवाचार के साथ कला को जोड़ने का कार्य करेगा। यह संस्थान न केवल स्थानीय कलाकृतियों का घर होगा, बल्कि यहाँ अंतरराष्ट्रीय भ्रमणशील प्रदर्शनियों और विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मेजबानी भी की जाएगी। असम सरकार और जेएसडब्ल्यू ग्रुप की यह दीर्घकालिक साझेदारी पूर्वोत्तर भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।


