भारत की अग्रणी एकीकृत बिजली कंपनी टाटा पावर और ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ग्रिड आधुनिकीकरण, फास्ट चार्जिंग तकनीक, पावर स्टोरेज, औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन और डिजिटल ऊर्जा प्रणालियों जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है। यह सहयोग न केवल तकनीकी विकास पर केंद्रित है, बल्कि इसके तहत उद्योग के अनुकूल कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण और वैश्विक शैक्षणिक जुड़ाव के माध्यम से नई प्रतिभाओं को निखारने का कार्य भी किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के वाइस-चांसलर और प्रेसिडेंट, प्रोफेसर स्टुअर्ट क्रॉफ्ट ने इस गठबंधन को एक स्थायी भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। वहीं, टाटा पावर के सीईओ और एमडी, डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा कि यह साझेदारी भारत के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने और एक अरब लोगों के जीवन को टिकाऊ व नवीन ऊर्जा समाधानों से सशक्त बनाने के कंपनी के विजन को गति देगी। वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप (WMG) और स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की विशेषज्ञता पर आधारित यह सहयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत नियंत्रण प्रणालियों के माध्यम से औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन का मार्ग प्रशस्त करेगा। यूके और भारत के बीच ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) के संदर्भ में, यह गठबंधन दोनों देशों के बीच ऊर्जा और पर्यावरणीय चुनौतियों पर मिलकर काम करने के लिए एक आदर्श मंच तैयार करता है।
