रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/त्यौंथर के सिविल अस्पताल त्यौंथर में लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में पुताई का कार्य कर रहे 34 वर्षीय श्रमिक छोटेलाल मांझी की तीन मंज़िला छत से गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
पेंटिंग का काम करता था छोटेलाल
जानकारी के अनुसार, छोटेलाल मांझी अस्पताल भवन की ऊपरी मंजिल पर पेंटिंग (पुताई) का काम कर रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नीचे गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में ही उपचार देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
बिना सेफ्टी बेल्ट के काम
परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार ने श्रमिक को कोई भी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) उपलब्ध नहीं कराया था। न हेलमेट, न सेफ्टी बेल्ट, न सेफ्टी नेट बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के ऊंचाई पर काम कराया जा रहा था। परिजनों ने इसे सीधी-सीधी जानलेवा लापरवाही बताया है।
एसडीएम बंगले का किया घेराव
हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने एसडीएम बंगला के आवास का घेराव किया और 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। आक्रोशित लोगों ने विरोध स्वरूप सोहागी-त्यौंथर मार्ग पर जाम भी लगाया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
मामले की जांच जारी
परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो छोटेलाल की जान बच सकती थी। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्रमिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़?
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर निर्माण और मरम्मत कार्यों में श्रमिकों की सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा? यह घटना प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
