MP Rajya Sabha Elections: मध्यप्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटें 19 जून को खाली हो रही हैं, जिन पर चुनाव होना है। मौजूदा विधायकों की संख्या के हिसाब से बीजेपी को 02 और कांग्रेस को 01 सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन कांग्रेस की एक सीट पर भी पेंच फंसने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई है।
कांग्रेस ने लगाए जोड़तोड़ के आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि बीजेपी राज्यसभा सीट हासिल करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि भाजपा हमेशा जोड़तोड़ की राजनीति करती है और इस बार भी उसी रणनीति पर काम किया जा रहा है।
राहुल गांधी को लिखा गया पत्र
प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश सिंह यादव ने पार्टी नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और विधायकों की संभावित हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताई है। उनका कहना है कि राज्यसभा चुनाव मामले में पार्टी को सतर्क रहने की जरूरत है।
मुकेश मल्होत्रा का मामला बना चिंता
वहीं कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी पर भी संकट बना हुआ है। यदि सुप्रीम कोर्ट उनके निर्वाचन को शून्य घोषित करने के हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है, तो कांग्रेस के विधायकों की संख्या कम हो सकती है, जिससे राज्यसभा चुनाव का समीकरण बदल सकता है।
राज्यसभा चुनाव का गणित
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों का समर्थन जरूरी है। बीजेपी के पास फिलहाल 164 विधायक हैं, जिससे वह आसानी से दो सीट जीत सकती है। वही कांग्रेस के पास निर्मला सप्रे को छोड़कर लगभग 64 विधायक हैं। यदि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ जाता है, तो कांग्रेस के पास 63 विधायक रह जाएंगे।
कांग्रेस को 6 विधायकों का टेंशन!
राजनीतिक जानकारों की माने तो दो सीट जीतने के बाद बीजेपी के पास लगभग 49 विधायक बचेंगे। यदि भाजपा तीसरा प्रत्याशी उतारती है और कांग्रेस के करीब 6 विधायकों को घेरती है और कांग्रेस के 6 विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं, तो तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक हो सकता है और कांग्रेस की सीट भी फंस सकती है। तो वही राज्यसभा चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार का एक वोट भी अहम माना जा रहा है, जो अंतिम परिणाम पर असर डाल सकता है।


