भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने शनिवार को पत्रकार वार्ता कर केंद्र सरकार और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समझौता देश के किसानों, युवाओं और छोटे उद्योगों के हितों के खिलाफ है तथा इससे भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्वायत्तता पर खतरा पैदा हो सकता है।
‘एंटी-इंडिया ट्रेड डील’ का आरोप
पत्रकार वार्ता में यश घनघोरिया ने कहा कि हाल ही में सामने आई तथाकथित ‘एंटी-इंडिया ट्रेड डील’ भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि इस समझौते के कारण भारतीय किसानों के बाजार विदेशी कंपनियों के लिए खुल सकते हैं और इससे देश के छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) पर अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक टैक्स लगाए जाने और अमेरिकी उत्पादों पर शून्य टैक्स की व्यवस्था जैसी शर्तें देश के व्यापार संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि बड़े पैमाने पर आयात का दबाव बढ़ने तथा भारतीय नागरिकों के डेटा की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा की बात
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने पर युवा कांग्रेस के 14 कार्यकर्ताओं को जेल भेजा गया, लेकिन संगठन किसानों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाता रहेगा। यश घनघोरिया ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रस्तावित व्यापार समझौते को तत्काल रोका जाए और इसके पूर्ण पाठ को संसद में चर्चा के लिए रखा जाए, ताकि देशहित में पारदर्शी निर्णय लिया जा सके।
देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि इस मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस देशव्यापी विरोध आंदोलन चलाएगी। संगठन ने 16 मार्च 2026 को संसद घेराव का आह्वान करते हुए कार्यकर्ताओं और आम लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। पत्रकार वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं के हितों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और संगठन ‘राष्ट्र सर्वोपरि और किसान सर्वोपरि’ के सिद्धांत पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।


