Yadavendra Singh Passes Away : सतना जिले के नागौद क्षेत्र के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता यादवेंद्र सिंह का बीते शनिवार को भोपाल में निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इलाज भोपाल के चिरायू अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
लंबे समय से थे बीमार
परिजनों के अनुसार यादवेंद्र सिंह को हृदय संबंधी समस्याएं थीं और उनकी हार्ट बाईपास सर्जरी भी हो चुकी थी। वे हाई डायबिटीज से भी पीड़ित थे। संक्रमण के कारण उनका एक पैर घुटने के नीचे से काटना पड़ा था, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
सतना जिले में हुआ था जन्म
यादवेंद्र सिंह का जन्म 5 जून 1953 को कचनार गांव में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ग्राम स्तर से की। वर्ष 1978 में वे वसुधा ग्राम पंचायत के सरपंच बने।
राजनीति में लंबा अनुभव
राजनीतिक सफर के दौरान 1992 में वे नागौद विपणन सहकारी समिति के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने पद से इस्तीफा देकर जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष का पद संभाला। 1998-99 में वे कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष भी रहे।
2024 में आए भाजपा में
उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर 2003 और 2008 में विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। वर्ष 2013 में वे नागौद से विधायक चुने गए। 2018 के विधानसभा चुनाव में वे करीब 1200 वोटों से हार गए। 2023 में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके। बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान वे बीजेपी में शामिल हो गए थे।
राजनीति में सक्रिय परिवार
यादवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम कचनार में किया जाएगा। उनके परिवार के सदस्य भी राजनीति में सक्रिय हैं। उनकी बहू प्रतिभा सिंह नगर परिषद अध्यक्ष हैं, जबकि उनके पुत्र यतेंद्र सिंह जिला पंचायत के सदस्य रह चुके हैं।


