सागर/खबर डिजिटल/ मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध से बने हालातों के बाद पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत की बात कही जा रही है, लेकिन बीना रिफाइनरी में वॉर का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है, पहले की तरह ही सारा कामकाज चल रहा है, जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की प्रदेश में कोई कमी नहीं आ रही है, हालांकि रसोई गैस को लेकर जरुर हालत बेकाबू होते नजर आ रहे हैं।
पर्याप्त स्टॉक का किया दावा
बीना रिफाइनरी प्रबंधन का कहना है कि अभी हमारे यहां पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है, और कच्चे तेल के रिफाइन होने का काम पहले की तरह ही चल रहा है, प्रबंधन का कहना है कि हमारी मांग अनुसार गुजरात में स्थित क्रूड ऑयल टर्मिनल से लगातार क्रूड ऑयल आ रहा है, और उसे रिफाइन कर पहले की तरह नियमित सप्लाई की जा रही है।
एमपी की इकलौती रिफाइनरी
मध्यप्रदेश की इकलौती रिफाइनरी सागर जिले की तहसील बीना के आगासौद गांव में स्थित है। यहां से सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्यों में भी पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति होती है, यहीं पर देश का सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी तैयार किया जा रहा है, इस रिफाइनरी से 7.8 मिलियन मीट्रिक टन सालाना तेल उत्पादन किया जाता है, यहां पर हर तरह के पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
गुजरात से बीना पहुंचता है क्रूड ऑयल
गुजरात से बिछाई गई पाइप लाइन के जरिए बीना रिफाइनरी में कच्चे तेल की आपूर्ति की जाती है, कच्चे तेल के भंडारण के लिए गुजरात के वाडिनार में सीओटी स्थित है, जिसे क्रूड ऑयल टर्मिनल कहा जाता है। यहां से 750 किलोमीटर का रास्ता तय कर पाइप लाइन के जरिए क्रूड ऑयल बीना के आगासौद में स्थित रिफाइनरी भेजा जाता है, जो यहां पर रिफाइन किया जाता है।
रिफाइनरी में आधुनिक रेल लोडिंग टर्मिनल
बीना रिफाइनरी में रोजाना 700 से 750 टन तक एलपीजी तैयार होती है, अगर घरेलू गैस सिलेंडर के हिसाब से देखा जाए, तो रोजाना 50 से 60 हजार घरेलू गैस सिलेंडर यहां भरे जा सकते हैं, यहां उत्पादित होने वाले पेट्रोलियम उत्पाद पाइप लाइन, रेलवे और सड़क मार्ग से टैंकर के जरिए अलग-अलग राज्यों में भेजे जाते हैं। रेलवे से भेजने के लिए बीना रिफाइनरी में ही आधुनिक रेल लोडिंग टर्मिनल है, इसके अलावा यहां बीना से कोटा और बीना से कानपुर तक पाइप लाइन के जरिए भी पेट्रोलियम उत्पाद भेजे जाते हैं। वहीं, सड़क मार्ग से बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम उत्पाद टैंकर और एलपीजी ट्रक के माध्यम से भेजी जाती है।


