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भाई के इलाज के लिए गिरवी रखे गहने… ढाई लाख के बदले वसूले सात लाख, बीस हजार

मजबूरी का उठाया फायदा

डिंडोरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ डिंडोरी जिले में सूदखोरों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है कि अब एक और मामला सामने आया है। अभी पिछले दिनों एक ऐसा ही मामला गाड़ासरई थाना क्षेत्र से आया था। अभी फिर ऐसा धोखाधड़ी और सनसनीखेज मामला डिंडोरी में आया है। एक मजबूर भाई ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपने गांव की कुछ महिलाओं से जेवर मांग कर गिरवी रख दिए थे। उसे छुड़ाने के चक्कर में वह आर्थिक रूप से लुट गया। और उससे ढाई लाख के बदले 7, 20, 000 रुपये वसूले गए।

धीरे-धीरे चुकाई राशि
यह मामला देवरा निवासी लक्ष्मण दुबे का है लक्ष्मण दुबे ने बताया कि वर्ष 2014 -16 के दौरान उनके छोटे भाई ज्ञानेश्वर दुबे आग में बुरी तरह से झुलस गए थे और उन्हें भाई के इलाज के लिए पैसों की सख्त आवश्यकता थी। उस समय गांव की ही धनिया बाई, कमलावती, ममता और चमेली जैसी महिलाओं ने उन्हें मदद के तौर पर अपने गहने देकर, भाई की जान बचाने हेतु उन्हें दिए थे। लक्ष्मण ने इन गहनों को डिंडोरी के सूदखोर कमल जैन और गोलू जैन के पास महज ढाई लाख रुपए में 2% ब्याज पर गिरवी रख दिया। पीड़ित बताया है कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण मैंने धीरे-धीरे अपना पेट काटकर जैसे तैसे कर कर पैसे जमा किया, और मैंने वर्ष 2020 में 30000, 2021 में 25000 और 2022 में 20 हजार रुपये नगद दिए।

सूदखोर ने की गाली-गलौज
लक्ष्मण के अनुसार मेरे द्वारा अभी तक कुल 7 लाख नगद और 20000 का चेक सूदखोरों को दिया जा चुका है। यह रकम भी लक्ष्मण ने कुछ लोगों से उधार लेकर जमा कराई है। पीड़ित का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम चुकाने के बाद जब उसने अपने जेवर वापस मांगे पहले तो सूदखोर ने टालमटोल की ।और जेवर होली के बाद देने का वादा किया। होली के बाद लक्ष्मण द्वारा जब गहने वापस करने का दबाव बनाया गया तो उन्हें सूदखोर द्वारा 3 किलो चांदी और दो तोला सोना ही वापस दिया गया। बाकी जेवर अभी सूदखोर के पास है दोबारा जब लक्ष्मण ने जिन महिलाओं के जेवर गिरवी रखे थे उनको लेकर सूदखोर की दुकान में पहुंचे तो उनके साथ अभद्रता और गाली गलौच की गई।

पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय
इस धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर पीड़ित पक्ष ने आखिर पुलिस थाने की शरण ली। थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि ‘लेनदेन और धोखाधड़ी की शिकायत प्राप्त हुई है 30 जनवरी 2026 को पीड़ित और संबंधित महिलाओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अब यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।’

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