Digvijay Singh Rajya Sabha : मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने जा रहा है। कार्यकाल खत्म होने से पहले उन्होंने बुधवार को सदन में भावुक अंदाज में अपना विदाई संबोधन दिया।
अटल बिहारी की पढ़ी कविता
अपने संबोधन के दौरान दिग्विजय सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की पंक्तियां पढ़ते हुए कहा मैं न थका हूं, न रिटायर हूं, और संकेत दिया कि वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय बने रहेंगे। उन्होंने संसद में संवाद और मर्यादा बनाए रखने की बात पर भी जोर दिया।
राजनीतिक सफर को किया याद
दिग्विजय सिंह ने अपने राजनीतिक करियर को याद करते हुए कहा कि छात्र जीवन में उनका राजनीति से कोई जुड़ाव नहीं था, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें इस राह पर ला खड़ा किया। 22 वर्ष की उम्र में वे निर्विरोध नगर पालिका अध्यक्ष बने, 30 साल में विधायक और 33 साल की उम्र में मंत्री बन गए। इसके बाद वे सांसद बने और 40 वर्ष की उम्र में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कभी विचारधारा से समझौता नहीं किया।
इंदिरा और राजीव गांधी का जिक्र
उन्होंने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने ही उन्हें कांग्रेस में लेकर आई थी। उन्होंने यह भी कहा कि वे उन लोगों से भी अच्छे संबंध रखते हैं, जिनसे मतभेद रहे।
सदन में मांगी माफी
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि उनके किसी बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो वे उसके लिए क्षमा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद जरूरी है और संसद में कटुता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
प्रदेश में रहेंगे सक्रिय
सदन में दिग्विजय सिंह के भाषण को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं होने लगी है कि राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। क्योंकि उन्होंने जिस तरह से कहा कि न टायर्ड हूं न रिटायर्ड हूं। ऐसे में संकेत मिलते है कि दिग्विजय सिंह अब प्रदेश की राजनीति में पूरी तरह से और तेजी से एक्टिव होने वाले है। हालांकि उनके टायर्ड और रिटायर्ड वाले बयान को लोग उनके राज्यसभा फिर से जाने को लेकर भी जोड़ रहे है।


