राकेश यादव/ खबर डिजिटल/सिवनी/ राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) इन दिनों वाहन चालकों के लिए सुरक्षित सफर के बजाय मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत डीजल चोरों ने ऐसा आतंक मचाया है कि अब दिनदहाड़े भी वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस की निष्क्रियता और कागजी पेट्रोलिंग के चलते लुटेरों के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
दिन के उजाले में भी बेखौफ हुए चोर
आमतौर पर चोरी की घटनाएं रात के अंधेरे में होती हैं, लेकिन NH-44 पर स्थिति इसके उलट है। हाईवे किनारे खड़े ट्रकों और भारी वाहनों से अब दिन में भी डीजल निकाला जा रहा है। पीड़ितों का कहना है कि चोर गिरोह बनाकर आते हैं और पलक झपकते ही वाहनों की टंकियां खाली कर देते हैं। इस बेखौफ अंदाज ने बंडोल क्षेत्र की कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
पेट्रोलिंग का सच
स्थानीय लोगों और ट्रांसपोर्टरों ने हाईवे पेट्रोलिंग व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि हाईवे की सुरक्षा के लिए तैनात पेट्रोलिंग वाहन अपनी ड्यूटी निभाने के बजाय शादी समारोहों में शामिल होने या ढाबों के पास घंटों खड़े रहने में व्यस्त रहते हैं। जब सुरक्षा एजेंसियां ही अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लें, तो अपराधियों का निडर होना स्वाभाविक है। पेट्रोलिंग के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है, जिसका खामियाजा ट्रक चालकों को आर्थिक नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश
लगातार हो रही आर्थिक चोट से वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। आक्रोशित चालकों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से संदिग्धों पर कार्रवाई की जाए और हाईवे पर गश्त बढ़ाई जाए। अधिकारियों की चुप्पी और पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराज लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस गिरोह पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो वे चक्काजाम जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
प्रशासन के लिए अब यह परीक्षा की घड़ी है कि वह कागजी दावों से निकलकर धरातल पर सुरक्षा सुनिश्चित करता है या फिर एनएच-44 पर चोरों का यह राज यूं ही जारी रहेगा।


