धर्मराज सिंह/खबर डिजिटल/ खिलचीपुर (राजगढ़)/ मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल पुलिस प्रशासन को बल्कि आम जनमानस की धार्मिक भावनाओं को भी झकझोर कर रख दिया है। यहां के प्राचीन और प्रतिष्ठित भगवान जगन्नाथ मंदिर से रातों-रात भगवान की मूर्तियां गायब हो गईं। जब शुक्रवार की सुबह श्रद्धालु हमेशा की तरह दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे, तो गर्भगृह को खाली देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
भक्तों का फूटा दर्द
शुक्रवार सुबह जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, वहां का दृश्य देख श्रद्धालु अपने आंसू नहीं रोक पाए। भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं अपने स्थान पर नहीं थीं। मंदिर को सूना देख कई भक्त वहीं परिसर में बैठकर विलाप करने लगे। एक भावुक श्रद्धालु ने सिसकते हुए कहा, हमारे आराध्य हमें अकेला छोड़कर चले गए, अब हम किसके दर्शन करेंगे? देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई।
CCTV फुटेज ने खोला पुजारी का काला सच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। जब मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था। फुटेज में मंदिर का पुजारी विष्णुदास संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई दिया।
रात का घटनाक्रम:
- देर रात पुजारी विष्णुदास मंदिर के भीतर प्रवेश करता है।
- वह बड़ी सावधानी से मंदिर के मुख्य द्वार बंद करता है और पर्दें डाल देता है।
- प्रतिमाओं के पास जाकर वह दिखावे की पूजा-अर्चना करता है।
- इसके तुरंत बाद, वह मंदिर की लाइटें और सीसीटीवी कैमरे बंद कर देता है ताकि उसकी आगे की हरकतें कैद न हों।
- वह अंदरूनी रास्ते से मूर्तियों को हटाकर दूसरे कमरे में ले जाता है और बाद में एक कार में रखकर वहां से रफूचक्कर हो जाता है।
पुलिस जांच और आक्रोश
पुजारी की इस करतूत ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पुजारी की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी हैं। प्रारंभिक जांच में इसे बेशकीमती मूर्तियों की तस्करी या किसी बड़े षड्यंत्र से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, खिलचीपुर की गलियों में सन्नाटा और लोगों की आंखों में अपने भगवान के दूर होने का गम साफ देखा जा सकता है।


